फायर सेफ्टी जांच में बड़ा खुलासा: कार्रवाई से बचने छात्रों को कमरों में छिपाया, पूरी बिल्डिंग सील

लखनऊ हादसे के बाद ग्वालियर में जांच, कोचिंग हब में मिली गंभीर लापरवाही
ग्वालियर (शिखर दर्शन) // लखनऊ के कोचिंग सेंटर हादसे के बाद ग्वालियर में की जा रही फायर सेफ्टी जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। शहर की लक्ष्मीबाई कॉलोनी स्थित कोचिंग हब में नगर निगम की फायर ब्रिगेड टीम को ऐसी लापरवाही मिली, जिसने छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जांच के दौरान आरोप लगा कि कार्रवाई से बचने के लिए छात्रों को अलग-अलग मंजिलों पर रोक दिया गया और मुख्य चैनल गेट पर अंदर-बाहर दोनों तरफ ताला लगा दिया गया।
बंद मिला मुख्य गेट, लौटानी पड़ी टीम
नगर निगम की टीम जब फायर सेफ्टी मानकों की जांच के लिए मौके पर पहुंची तो चार मंजिला भवन का मुख्य चैनल गेट बंद मिला। अंदर और बाहर दोनों तरफ ताला लगा होने के कारण टीम को प्रारंभिक जांच किए बिना लौटना पड़ा।
चेतावनी के बाद खुला ताला
कुछ समय बाद फायर नोडल अधिकारी रजनीश गुप्ता के नेतृत्व में टीम दोबारा पहुंची। सख्त चेतावनी और अनाउंसमेंट के बाद वर्धानी कोचिंग के संचालक डॉ. करण वर्धानी बेसमेंट के रास्ते बाहर आए और भवन का ताला खोला गया।
सैकड़ों छात्रों के बीच सिर्फ दो अग्निशमन यंत्र
जांच के दौरान कोचिंग परिसर में बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी के बावजूद केवल दो फायर एक्सटिंग्विशर पाए गए। संचालक ने दावा किया कि कोचिंग खाली हो चुकी है, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर स्थिति कुछ और ही निकली।
लाइब्रेरी और जिम में मिले छात्र
जब टीम ऊपरी मंजिल पर स्थित लाइब्रेरी पहुंची तो वहां का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी मशक्कत के बाद दरवाजा खुला तो अंदर 70 से 80 छात्र-छात्राएं मौजूद पाए गए। इसके बाद चौथी मंजिल पर स्थित जिम की जांच की गई, जहां भी दरवाजा अंदर से बंद था। वहां कई छात्र-छात्राएं मिले, जिनमें कुछ कोचिंग के विद्यार्थी भी शामिल थे।
छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
कुछ छात्रों ने बताया कि जांच की सूचना मिलते ही उन्हें ऊपर जिम में भेज दिया गया था। वहीं कुछ विद्यार्थियों ने दावा किया कि कई छात्र कार्रवाई से बचने के लिए पड़ोसी भवन की छत पर कूदकर वहां से नीचे उतरे।
संचालक और लाइब्रेरी प्रबंधन के बयान में विरोधाभास
कोचिंग संचालक डॉ. करण वर्धानी ने जिम में मिले विद्यार्थियों को अपना छात्र मानने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर लाइब्रेरी संचालक अवधेश धाकड़ ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि उनकी लाइब्रेरी में आमतौर पर बड़े विद्यार्थी आते हैं और छोटे छात्रों का वहां आना सामान्य नहीं है।
पूरी इमारत सील, एफआईआर की तैयारी
फायर ब्रिगेड की जांच में चार मंजिला भवन में केवल दो फायर एक्सटिंग्विशर मिले और आवश्यक सुरक्षा इंतजामों का अभाव पाया गया। इसके बाद नगर निगम ने पूरी बिल्डिंग को सील कर दिया।
फायर नोडल अधिकारी रजनीश गुप्ता ने बताया कि भवन के आवासीय या व्यावसायिक उपयोग की भी जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर सहित कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल
लखनऊ हादसे के बाद भी यदि कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी जारी रहती है तो यह किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देने जैसा है। नगर निगम की कार्रवाई के बाद शहर के कई कोचिंग संस्थानों में हड़कंप का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू हो गई है।



