29 मई महाकाल आरती: रजत चंद्रमा और कमल से दिव्य श्रृंगार, यहां कीजिए भगवान महाकालेश्वर के दर्शन

भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, बाबा महाकाल के जयकारों से गूंजा मंदिर
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शुक्रवार तड़के भस्म आरती विशेष पूजा-अर्चना और दिव्य श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक किया गया।
भांग, चंदन और आभूषणों से हुआ अलौकिक श्रृंगार
भगवान महाकाल का भांग, चंदन और आभूषणों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। बाबा को रजत चंद्रमा, कमल और विभिन्न आभूषणों से सजाकर दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया। भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढांककर भस्म रमाई गई।
रुद्राक्ष और पुष्प मालाओं से सजा बाबा का दरबार
भस्म आरती के बाद भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। दिव्य आभूषणों और फूलों से सजे बाबा महाकाल के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
नंदी महाराज के कान में भक्तों ने मांगी मनोकामनाएं
सुबह भस्म आरती में शामिल श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कही और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। पूरे मंदिर परिसर में बाबा महाकाल के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा।



