रायपुर संभाग

नाबालिगों से दुष्कर्म के तीन मामलों में आरोपियों को 20-20 साल की सजा

धमतरी पुलिस की मजबूत विवेचना और प्रभावी पैरवी से अदालत ने सुनाया सख्त फैसला

धमतरी ( शिखर दर्शन ) // महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ धमतरी पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। नाबालिगों से दुष्कर्म के तीन अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और 3000-3000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। इन मामलों में धमतरी पुलिस की मजबूत विवेचना और प्रभावी पैरवी को अदालत के फैसले का अहम आधार माना जा रहा है।

महिला एवं बाल अपराधों पर पुलिस की सख्त नजर

सूरज सिंह परिहार जिले में महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। विवेचना अधिकारियों को वैज्ञानिक तरीके से जांच, तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग और मजबूत प्रस्तुतीकरण के निर्देश दिए गए हैं। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2026 में अब तक पॉक्सो एक्ट के 09 मामलों में आरोपियों को कठोर सजा दिलाई जा चुकी है।

थाना अर्जुनी मामले में 20 साल की सजा

थाना अर्जुनी के अपराध क्रमांक 113/2025 में आरोपी तोरण लाल जोशी (24 वर्ष), निवासी ग्राम दोनर, थाना अर्जुनी जिला धमतरी को न्यायालय ने दोषसिद्ध पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(5), 65(1) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

थाना भखारा मामले में भी आरोपी दोषी

थाना भखारा के अपराध क्रमांक 87/2025 में आरोपी सागर उर्फ करण साहू (21 वर्ष), निवासी ग्राम गुहेली, चौकी कण्डका, थाना बेरला जिला बेमेतरा को न्यायालय ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 64(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत अपराध दर्ज था।

थाना सिहावा मामले में भी कठोर सजा

थाना सिहावा के अपराध क्रमांक 46/2025 में आरोपी नरेंद्र कुमार मंडावी (21 वर्ष), निवासी ग्राम भंडारवाड़ी, थाना दुगली जिला धमतरी को दोषसिद्ध पाए जाने पर न्यायालय ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत मामला दर्ज था।

विवेचना अधिकारियों को मिलेगा सम्मान

इन तीनों मामलों की विवेचना निरीक्षक प्रमोद अमलतास, उप निरीक्षक कपिश्वर पुष्पकार और सहायक उप निरीक्षक दुलाल नाथ ने की। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन, पीड़िता और गवाहों के बयान तथा अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को प्रभावी ढंग से न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके चलते आरोपियों को कठोर सजा दिलाने में सफलता मिली। एसपी सूरज सिंह परिहार ने उत्कृष्ट विवेचना के लिए तीनों अधिकारियों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित करने की घोषणा की है।

वर्ष 2026 में अब तक 9 मामलों में सख्त सजा

धमतरी पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में इससे पहले भी पॉक्सो एक्ट के 06 मामलों में न्यायालय द्वारा आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। इनमें थाना सिटी कोतवाली धमतरी के 02, चौकी बिरेझर का 01, थाना सिहावा का 01 और थाना मगरलोड के 02 मामले शामिल हैं। एसपी सूरज सिंह परिहार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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