वेदांता पावर प्लांट हादसा: 20 मौतों के बाद बड़ी कार्रवाई, अनिल अग्रवाल समेत 19 पर FIR दर्ज

बॉयलर ब्लास्ट मामले में लापरवाही के आरोप, पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में दर्ज किया मामला
सक्ती (छत्तीसगढ़) // छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट के बाद अब प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 घायल विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। जांच में प्रारंभिक तौर पर प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल सहित कुल 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106, 289 और 3-5 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
14 अप्रैल को हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था। मृतकों में पांच लोग छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जबकि 15 अन्य मजदूर अलग-अलग राज्यों से थे। घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच तेज कर दी गई है और राज्य सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ श्रम कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है।
उधर, वेदांता प्रबंधन ने भी अलग से आर्थिक सहायता का ऐलान करते हुए मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और एक सदस्य को नौकरी देने की बात कही है, जबकि घायलों को 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। कई घायलों का रायगढ़ और रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है, जहां उनकी हालत पर चिकित्सकों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।



