9 जनवरी महाकाल आरती: भस्म से अद्भुत श्रृंगार, श्रद्धालुओं ने की विशेष पूजा

विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
उज्जैन (शिखर दर्शन) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार को पौष माह, शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर अल सुबह भगवान महाकाल का भव्य अभिषेक और दिव्य श्रृंगार किया गया। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, जिसके बाद भगवान का विशेष पूजन-अभिषेक संपन्न हुआ।
सबसे पहले भगवान महाकाल का जल, दूध, दही, घी, शहद, और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद भांग और चंदन से भगवान का दिव्य श्रृंगार किया गया। महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी माला धारण कराई गई। साथ ही बाबा को भस्म चढ़ाई गई और फलों व मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।
भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दिव्य दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं और आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर का पूरा वातावरण “जय जय श्री महाकाल,” “हर हर महादेव,” और “ॐ नमः शिवाय” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।
भस्म आरती और विशेष श्रृंगार को देखने के लिए मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे मंदिर का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और भावविभोर हो गया।



