रेलवे स्टेशनों पर अपराधियों की अब खैर नहीं: ड्रग्स तस्करी, कबाड़ माफिया और असामाजिक तत्वों पर रेंज पुलिस का बड़ा शिकंजा

आईजी रामगोपाल गर्ग की हाईलेवल बैठक में कई बड़े फैसले, रेलवे सुरक्षा के लिए संयुक्त ऑपरेशन की तैयारियां तेज
बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // रेलवे नेटवर्क का उपयोग लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी, रेलवे संपत्ति की चोरी, कबाड़ कारोबार, मानव तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है। इन चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बिलासपुर रेंज पुलिस ने व्यापक रणनीति तैयार की है। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में रेलवे सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
रेलवे स्टेशनों पर लगेगा हाईटेक सुरक्षा कवच
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रमुख रेलवे स्टेशनों और संवेदनशील परिसरों में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे तथा फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) स्थापित किए जाएंगे। साथ ही सभी जिलों को एक माह के भीतर आदतन अपराधियों, नशा तस्करों और लापता बच्चों का डिजिटल डाटाबेस तैयार कर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्टेशन पर पहुंचते ही संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा सके।
ड्रग्स तस्करों और कबाड़ माफिया पर संयुक्त अभियान
रेलमार्ग के जरिए गांजा, हेरोइन, सिंथेटिक ड्रग्स, नशीली गोलियों और इंजेक्शन की तस्करी रोकने के लिए आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस की संयुक्त सरप्राइज चेकिंग टीम गठित की जाएगी। यह टीम ट्रेनों और रेलवे परिसरों में लगातार अभियान चलाएगी।
इसके साथ ही रेलवे सामग्री चोरी कर अवैध कबाड़ कारोबार करने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर रेलवे संपत्ति से जुड़े मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
रात के अंधेरे में सक्रिय असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर
बैठक में रेलवे स्टेशनों पर रात के समय असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को गंभीर सुरक्षा चुनौती मानते हुए रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने का निर्णय लिया गया। रात में रुकने वाली ट्रेनों की शत-प्रतिशत जांच, स्टेशन परिसर में खड़े लावारिस वाहनों की सघन तलाशी तथा संवेदनशील स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए डिजिटल निगरानी होगी मजबूत
रेल यात्रियों की सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए रेल मदद एप और आरपीएफ के सूचना तंत्र की समीक्षा की गई। महिला अपराध, चोरी, मानव तस्करी तथा अन्य आपराधिक घटनाओं में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

रेलवे अधोसंरचना और यातायात सुधार पर भी मंथन
बैठक में सक्ती के जेठा स्टेशन अंडरब्रिज की तकनीकी जांच, पेंड्रा, खरसिया और सक्ती में ओवरब्रिज निर्माण के प्रस्ताव तथा बाराद्वार में साप्ताहिक बाजार के दौरान रेलवे फाटक पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।
साइबर अपराध रोकने के लिए होगी विशेष मॉक ड्रिल
रेलवे वाई-फाई नेटवर्क का दुरुपयोग कर साइबर अपराध या भड़काऊ गतिविधियां संचालित करने वालों की पहचान के लिए विशेष साइबर मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य डिजिटल माध्यम से होने वाले अपराधों की समय रहते पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
कई जिलों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्चस्तरीय बैठक में अपर मंडल रेल प्रबंधक, रेलवे सुरक्षा बल, शासकीय रेल पुलिस तथा बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और सक्ती जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में रेलवे सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण की रणनीति तैयार की गई।



