नाला में बही कार चौथे दिन बरामद: एक-दूसरे का हाथ थामे मिला दंपती का शव

पंजाब के गोताखोर के साथ NDRF-SDRF और पुलिस ने चलाया संयुक्त अभियान
सारंगढ़-बिलाईगढ़ ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के माधोपली क्षेत्र में उफनते लाट नाला में बही कार और उसमें सवार पूर्व सरपंच दंपती का चार दिनों बाद दर्दनाक अंत सामने आया। ग्राम घोटला बड़े के पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी के शव बुधवार को कार के भीतर बरामद किए गए। लगातार चार दिनों तक चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, स्थानीय ग्रामीणों और पंजाब से आई गोताखोर टीम ने संयुक्त प्रयास से कार को बाहर निकाला।
उफनते नाले को पार करना पड़ा भारी
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम लगभग 5:30 बजे सारंगढ़-बरमकेला मार्ग स्थित माधोपली पुल के पास लाट नाला तेज बारिश के कारण उफान पर था। इसी दौरान पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल अपनी पत्नी के साथ कार से नाला पार करने का प्रयास कर रहे थे। अचानक तेज बहाव के कारण कार अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी और देखते ही देखते पानी के तेज बहाव में बह गई।
तीन दिनों तक चला तलाश का संघर्ष
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पहले दिन देर शाम तक तलाश जारी रही, लेकिन अंधेरा और तेज जलधारा के कारण अभियान रोकना पड़ा। अगले दिन से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटीं।
लगातार बारिश, तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर के कारण रेस्क्यू अभियान बेहद कठिन साबित हुआ। बताया गया कि हादसे के बाद कार लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर तक बह गई थी, जिससे उसकी तलाश और भी चुनौतीपूर्ण हो गई।
पंजाब की गोताखोर टीम ने दिलाई सफलता

तीन दिन तक कोई सफलता नहीं मिलने के बाद बुधवार को पंजाब से आई निजी गोताखोर टीम को भी अभियान में शामिल किया गया। संयुक्त प्रयासों के बाद गोताखोरों ने नाले के भीतर डूबी कार का पता लगाया। भारी मशक्कत के बाद कार को बाहर निकाला गया, जिसमें पूर्व सरपंच और उनकी पत्नी के शव मिले।
हाथों में हाथ डाले मिले दंपती के शव
रेस्क्यू के दौरान सामने आया दृश्य हर किसी को भावुक कर गया। बताया जा रहा है कि कार की पिछली सीट पर दोनों के शव एक-दूसरे का हाथ थामे हुए मिले। इस मार्मिक दृश्य ने घटनास्थल पर मौजूद बचावकर्मियों और परिजनों की आंखें नम कर दीं।
पूरे क्षेत्र में शोक, प्रशासन ने की अपील
दंपती की मौत की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। प्रशासन ने सफल रेस्क्यू अभियान में शामिल सभी एजेंसियों, पुलिसकर्मियों, गोताखोरों और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की।
साथ ही प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान उफनते नालों, पुलों और जलभराव वाले मार्गों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।



