40 साल बाद न्यूजीलैंड पहुंचेगा किसी भारतीय प्रधानमंत्री का कदम, 10 जुलाई को दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जुलाई को न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। यह पिछले लगभग 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा होगी। प्रधानमंत्री 10 जुलाई को ऑकलैंड पहुंचेंगे और विभिन्न उच्चस्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद 11 जुलाई को भारत लौटेंगे। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के बाद प्रधानमंत्री का यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की पुष्टि करते हुए इसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि भारत विश्व की सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है तथा न्यूजीलैंड की आर्थिक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने विश्वास जताया कि हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि एफटीए के माध्यम से न्यूजीलैंड को अधिक निर्यात, नए रोजगार और मजबूत आर्थिक विकास का लाभ मिलेगा। साथ ही 1.4 अरब की आबादी वाले भारतीय बाजार तक न्यूजीलैंड की पहुंच और मजबूत होगी, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
भारत और न्यूजीलैंड ने इसी वर्ष 27 अप्रैल को नई दिल्ली में ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने भारतीय उत्पादों को अपने बाजार में 100 प्रतिशत शुल्क मुक्त प्रवेश देने का निर्णय लिया है। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा, फुटवियर, इंजीनियरिंग उत्पाद, रत्न एवं आभूषण सहित कई उद्योगों को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। वहीं भारत ने न्यूजीलैंड के लगभग 70 प्रतिशत उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती अथवा चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने पर सहमति जताई है। हालांकि डेयरी और कुछ संवेदनशील कृषि उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा गया है।

एफटीए के तहत निवेश और रोजगार को भी विशेष महत्व दिया गया है। न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर तक निवेश को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। इसके साथ ही भारतीय आईटी पेशेवरों, इंजीनियरों, स्वास्थ्यकर्मियों, योग प्रशिक्षकों, आयुष विशेषज्ञों, शेफ और संगीत शिक्षकों के लिए विशेष वीजा व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। भारतीय विद्यार्थियों को भी बड़ी राहत मिली है, क्योंकि समझौते के तहत उनके लिए छात्र संख्या की सीमा समाप्त कर दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा मुक्त व्यापार समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन, निवेश, व्यापार, शिक्षा, कौशल विकास और रणनीतिक सहयोग को नई गति देने के साथ-साथ भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



