कतर के रास लफ्फान गैस प्लांट में भीषण विस्फोट, भारतीयों समेत 13 की मौत; 66 घायल, 18 लापता

रीस्टार्ट प्रक्रिया के दौरान हुआ बड़ा हादसा
कतर ( एजेंसी ) // कतर के प्रमुख रास लफ्फान गैस संयंत्र में रविवार रात हुए भीषण विस्फोट में भारतीय नागरिकों समेत कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 66 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार 18 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है। बताया जा रहा है कि कई महीनों से बंद पड़े संयंत्र को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया के दौरान यह हादसा हुआ।
भारतीय दूतावास ने जारी की हेल्पलाइन
घटना के बाद दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन जारी कर भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था की है। दूतावास ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मृतकों में कितने भारतीय नागरिक शामिल हैं।
ऊर्जा मंत्री ने की हादसे की पुष्टि
कतर के ऊर्जा मंत्री साद शेरिडा अल-काबी ने सोमवार को विस्फोट की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत एवं बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जांच में जुटीं एजेंसियां
कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी कतरएनर्जी के अनुसार, प्लांट की रीस्टार्ट प्रक्रिया के दौरान विस्फोट हुआ। शुरुआती जांच में इसे औद्योगिक दुर्घटना माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
ईरानी हमलों के बाद बंद था संयंत्र
रास लफ्फान गैस संयंत्र को मार्च में क्षेत्रीय तनाव और ईरानी मिसाइल हमलों के बाद बंद कर दिया गया था। हाल ही में हालात सामान्य होने पर गैस उत्पादन दोबारा शुरू करने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान यह बड़ा हादसा हो गया।
कतर की ऊर्जा व्यवस्था का अहम केंद्र
रास लफ्फान कतर की सबसे महत्वपूर्ण गैस सुविधाओं में शामिल है। यह संयंत्र देश के बिजली उत्पादन और समुद्री जल को पेयजल में परिवर्तित करने वाले संयंत्रों को गैस उपलब्ध कराता है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं।



