Bakrid 2026: देशभर में अकीदत के साथ आज मनाई जाएगी बकरीद, मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज पढ़ मांगेंगे अमन-चैन की दुआएं

ईद-उल-अजहा पर नमाज, कुर्बानी और भाईचारे का संदेश, सुरक्षा के भी किए गए विशेष इंतजाम
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // देशभर में आज त्याग, समर्पण और इंसानियत का पर्व ईद-उल-अजहा यानी बकरीद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। मस्जिदों और ईदगाहों में मुस्लिम समाज के लोग विशेष नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगेंगे। ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। यह पर्व इस्लामिक कैलेंडर के अंतिम महीने जिलहिज्जा की 10वीं तारीख को मनाया जाता है।
दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम ने भी पुष्टि की है कि देश के अधिकांश हिस्सों में बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी। हालांकि कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में चांद दिखने की स्थानीय पुष्टि के चलते 27 मई को ही ईद मनाई गई। त्योहार को लेकर बाजारों में भी रौनक देखने को मिली और लोगों ने खरीदारी के साथ तैयारियां पूरी कर ली हैं।
ईद-उल-अजहा का पर्व हजरत इब्राहिम की अल्लाह के प्रति अटूट आस्था और बलिदान की भावना की याद में मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहिम ने अल्लाह के आदेश पर अपने बेटे की कुर्बानी देने का संकल्प लिया था, लेकिन उनकी निष्ठा और समर्पण से प्रसन्न होकर अल्लाह ने उनके बेटे के स्थान पर एक जानवर की कुर्बानी स्वीकार की। तभी से कुर्बानी की यह परंपरा चली आ रही है।
बकरीद के मौके पर नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग कुर्बानी की रस्म निभाते हैं। परंपरा के अनुसार कुर्बानी के मांस को तीन हिस्सों में बांटा जाता है, जिसमें एक हिस्सा परिवार, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों तथा तीसरा गरीब और जरूरतमंद लोगों को दिया जाता है। यह पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद का संदेश भी देता है।



