भाजपा विधायक से ठगी पर सियासत गरमाई

कांग्रेस ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, पुरंदर मिश्रा और चरणदास महंत के बयान को लेकर बढ़ा राजनीतिक घमासान
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा के साथ हुई कथित ठगी की घटना अब राजनीतिक रंग लेने लगी है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं, वहीं रामभद्राचार्य और धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को लेकर दिए गए बयानों पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं।
कांग्रेस के प्रदेश संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राज में रसूखदारों के नाम पर उगाही और ठगी का खेल चल रहा है। सुशील शुक्ला ने कहा कि पहले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के साथ लूट की घटना हुई और अब भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ठगी का शिकार हो गए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पुरंदर मिश्रा स्वयं अधिवक्ता और आयकर सलाहकार हैं, इसके बावजूद यदि उनके साथ ठगी हो सकती है तो आम नागरिकों की सुरक्षा और स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब भाजपा नेताओं तक को निशाना बनाया जा रहा है।
इधर, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत द्वारा रामभद्राचार्य और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को लेकर दिए गए बयान पर भी सियासत तेज हो गई है। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि चरणदास महंत को देशहित में सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ मिलकर कथावाचकों और संतों पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। पुरंदर मिश्रा ने कहा कि महंत जिस राजनीतिक तिगड़ी में फंसे हैं, उससे ऊपर उठकर राष्ट्रहित में बयान देना चाहिए।
वहीं कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने भी पुरंदर मिश्रा के बयान पर जवाबी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को भाजपा से सीख लेने की जरूरत नहीं है। सुशील शुक्ला ने कहा कि डॉ. चरणदास महंत ने जो टिप्पणी की, वह सही है और रामभद्राचार्य भाजपा के प्रचारक के रूप में कार्य कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि रामभद्राचार्य ने धार्मिक ग्रंथों की चौपाइयों पर भी विवादित टिप्पणियां की हैं और वे संत परंपरा से अधिक भाजपा की राजनीति के करीब दिखाई देते हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।



