12 मई महाकाल भस्म आरती: राम नाम के बेलपत्र, चंद्र और त्रिपुंड से सजा बाबा महाकाल का दिव्य स्वरूप

भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, जयकारों से गूंजा महाकाल मंदिर
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के आयोजित विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में बाबा महाकाल का अद्भुत और दिव्य श्रृंगार किया गया। ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही गर्भगृह में विशेष पूजन-अर्चन का क्रम शुरू हुआ। इस दौरान भगवान महाकाल को राम नाम अंकित बेलपत्र, चंद्र और त्रिपुंड से अलंकृत किया गया, जिसने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पंचामृत अभिषेक से हुआ बाबा का पूजन
मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन संपन्न हुआ। भांग, चंदन और सुगंधित पुष्पों से बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया।
भस्म रमाने की अद्भुत परंपरा

भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंककर विधिवत भस्म रमाई गई। इसके बाद भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और पुष्पहार अर्पित किए गए। आभूषणों और सुगंधित फूलों से सजे बाबा महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनोहारी दिखाई दिया।
नंदी महाराज के कान में श्रद्धालुओं ने मांगी मनोकामना
सुबह की भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं भी कही। इस दौरान पूरा मंदिर “जय श्री महाकाल” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा और भक्तिभाव का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।



