25 अप्रैल महाकाल भस्म आरती: ड्राईफ्रूट और आभूषणों से बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, यहां कीजिए दर्शन

भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शनिवार तड़के करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके बाद परंपरानुसार भस्म आरती विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। इस दौरान भगवान महाकाल का आकर्षक और दिव्य श्रृंगार किया गया, जिसमें ड्राईफ्रूट, भांग, चंदन और आभूषणों का विशेष उपयोग किया गया।
मंदिर के पट खुलने के पश्चात पुजारियों द्वारा गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का विधि-विधान से पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। इसके पश्चात कपूर आरती कर ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई, जो महाकाल की आराधना का प्रमुख आकर्षण रहा।
आरती के बाद भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित कर भव्य अलंकरण किया गया, जिससे उनका स्वरूप अत्यंत मनमोहक नजर आया।
सुबह की इस भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर आशीर्वाद प्राप्त किया, वहीं पूरे मंदिर परिसर में बाबा महाकाल के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।



