उद्योगों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: कलेक्टर-एसपी की सख्त चेतावनी, सुरक्षा मानकों से समझौता किया तो होगी कार्रवाई

पावर प्लांट और औद्योगिक इकाइयों की बैठक में दिए कड़े निर्देश, मॉक ड्रिल और इमरजेंसी तैयारी पर जोर
जांजगीर-चांपा ( शिखर दर्शन ) // जिले में बढ़ते औद्योगिक हादसों की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे और प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल ने मंगलवार को अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह में जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों और पावर प्लांट की अहम बैठक लेकर साफ संदेश दिया कि सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में कलेक्टर ने दो टूक कहा कि सभी उद्योगों में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अग्निशामक यंत्र, फायर अलार्म, सीसीटीवी, मशीनों के रखरखाव और बायलर संचालन जैसे सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम मानकों के अनुसार अनिवार्य रूप से लागू किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि तकनीकी खामियों को रोकने के लिए मशीनों और उपकरणों की नियमित जांच अधिकृत एजेंसियों से कराई जाए।
कलेक्टर ने ‘गोल्डन ऑवर’ का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल उपचार मिलना जरूरी है। इसके लिए हर उद्योग में एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार दल और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था हर समय तैयार रहनी चाहिए। साथ ही सभी इकाइयों में आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल बनाकर कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए।
प्रभारी एसपी निवेदिता पाल ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नियमित मॉक ड्रिल कराने और हर प्लांट में क्विक रिस्पांस टीम गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी एग्जिट की समुचित व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत सुरक्षित निकासी हो सके।
बैठक में यह भी तय किया गया कि संबंधित विभागों की संयुक्त समिति बनाकर सभी उद्योगों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और संभावित खतरों से निपटने के लिए ठोस कार्ययोजना लागू की जाएगी। प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद अब उद्योगों में सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।



