प्रदेश में नकली ‘गोल्ड फ्लैक’ सिगरेट की सप्लाई का भंडाफोड़

आईटीसी की कार्रवाई में 5 लाख रुपये का माल जब्त, सप्लाई नेटवर्क तक पहुंची टीम
बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // बिलासपुर में नकली सिगरेट के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है, जहां ‘गोल्ड फ्लैक’ ब्रांड के नाम पर डुप्लीकेट सिगरेट की सप्लाई की जा रही थी। आईटीसी कंपनी की टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए करीब 5 लाख रुपये मूल्य का नकली माल जब्त कर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
मामले में जानकारी के अनुसार, कंपनी को पहले से ही शहर में नकली सिगरेट की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर टीम दिल्ली से बिलासपुर पहुंची और जांच की शुरुआत करते हुए विभिन्न पान ठेलों एवं दुकानों से सिगरेट के नमूने एकत्र किए। प्रारंभिक परीक्षण में ही यह स्पष्ट हो गया कि बाजार में बिक रही सिगरेट असली नहीं है।
इसके बाद टीम ने सप्लाई चेन तक पहुंचने के लिए ग्राहक बनकर संपर्क किया। इस दौरान उन्हें महाराणा प्रताप चौक के समीप निगम कॉलोनी बुलाया गया, जहां से थोक स्तर पर सिगरेट की आपूर्ति की जा रही थी। मौके पर पहुंचकर टीम ने संबंधित फर्म में रखे स्टॉक की जांच की और उसे मूल उत्पाद से मिलान किया, जिसमें पूरा माल नकली पाया गया।
कार्रवाई के दौरान चार कार्टून सिगरेट जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कारोबारी शहर के कई छोटे-बड़े दुकानदारों को यह नकली सिगरेट थोक में सप्लाई कर रहा था, जिससे प्रतिदिन लाखों रुपये का अवैध कारोबार संचालित होने की आशंका है।
कार्रवाई के उपरांत टीम सिविल लाइन थाने पहुंची और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देते हुए जब्त सामग्री सुपुर्द कर दी। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है तथा इसमें शामिल अन्य आरोपियों और नेटवर्क के विस्तार का पता लगाने में जुटी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, असली और नकली सिगरेट के बीच अंतर पैकेजिंग की गुणवत्ता, प्रिंटिंग, होलोग्राम, कोड तथा सिगरेट की बनावट और स्वाद के आधार पर किया जा सकता है, लेकिन आम उपभोक्ता के लिए इसे पहचान पाना आसान नहीं होता, जिसका फायदा ऐसे अवैध कारोबारी उठा रहे हैं।



