प्राथमिक शिक्षक चयन सूची पर विवाद: अपात्रों को 5% बोनस अंक देने का आरोप

हाईकोर्ट ने चयन सूची को बताया अंतिम निर्णय के अधीन, कर्मचारी चयन मंडल से 2 सप्ताह में जवाब तलब
जबलपुर ( शिखर दर्शन ) // मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 की चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां अपात्र अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत बोनस अंक देने के आरोप के बाद चयन सूची को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने स्पष्ट किया है कि मेरिट सूची को अंतिम निर्णय के अधीन माना जाएगा और कर्मचारी चयन मंडल को दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में अपात्र उम्मीदवारों को कथित रूप से 5 प्रतिशत बोनस अंक दिए जाने को लेकर याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करते हुए अयोग्य अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया, जिससे पूरी मेरिट सूची प्रभावित हुई है।
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब मांगा है। अदालत ने यह भी कहा है कि अंतिम निर्णय आने तक चयन सूची की वैधता पर प्रश्नचिह्न बना रहेगा। इस आदेश के बाद चयन प्रक्रिया और परिणामों को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।



