जूस सेंटर से महादेव सट्टा साम्राज्य तक का सफर: कैसे करोड़ों के कारोबार का कथित सरगना बना सौरभ चंद्राकर?

भिलाई की छोटी-सी दुकान से दुबई तक फैला नेटवर्क, 200 करोड़ रुपये की शाही शादी ने खींचा जांच एजेंसियों का ध्यान; अब ओमान से गिरफ्तारी के बाद फिर सुर्खियों में
भिलाई/रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के भिलाई की एक छोटी-सी जूस की दुकान से शुरू हुआ सौरभ चंद्राकर का सफर महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क तक पहुंच गया। कभी सामान्य जीवन बिताने वाला सौरभ चंद्राकर देखते ही देखते करोड़ों रुपये के कथित अवैध सट्टा कारोबार का प्रमुख चेहरा बन गया। उसकी आलीशान जीवनशैली और फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात में हुई करीब 200 करोड़ रुपये की शादी ने पूरे देश का ध्यान खींचा। अब ओमान में हिरासत और भारत लाए जाने की कार्रवाई के बाद महादेव सट्टा ऐप का यह कथित मुख्य प्रमोटर एक बार फिर चर्चा में है।
भिलाई में जूस सेंटर चलाता था सौरभ :
सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। सौरभ की आजीविका का साधन एक जूस सेंटर था। बताया जाता है कि इसी दौरान उसकी दोस्ती रवि उप्पल से हुई और दोनों सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़ गए।
बाद में दोनों ने ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क खड़ा किया। वर्ष 2019 में सौरभ दुबई पहुंचा और वहां से कारोबार का विस्तार करने लगा। उसने अपने इंजीनियर दोस्त रवि उप्पल को भी दुबई बुलाकर इस नेटवर्क में शामिल किया। मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ऑनलाइन सट्टेबाजी का यह मॉडल तेजी से फैलने लगा।
ऐसे खड़ा किया दुबई में सट्टेबाजी का नेटवर्क :
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के जरिए लोगों को मोबाइल पर ही सट्टा लगाने की सुविधा दी जाती थी। पारंपरिक रूप से सट्टेबाजी करने वाले लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में मोबाइल उपयोगकर्ता भी इस नेटवर्क से जुड़ने लगे। नए उपयोगकर्ताओं और फ्रेंचाइजी यानी पैनल संचालकों को जोड़ने के लिए अलग-अलग स्तर पर नेटवर्क तैयार किया गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के अनुसार, सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था। भारत में नए उपयोगकर्ताओं और पैनल संचालकों को आकर्षित करने के लिए नकद भुगतान के जरिए प्रचार-प्रसार भी कराया जाता था। ईडी ने सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल पर संयुक्त अरब अमीरात में इस कारोबार का बड़ा नेटवर्क खड़ा करने का आरोप लगाया है।
200 करोड़ रुपये की शादी ने खींचा देश का ध्यान :
सौरभ चंद्राकर की शादी फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमाह में हुई थी। इस समारोह पर करीब 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए जाने का आरोप ईडी ने लगाया था। परिवार के सदस्यों को नागपुर से यूएई ले जाने के लिए निजी विमान किराए पर लिए गए थे।
शादी समारोह में आयोजन प्रबंधन, सजावट और मनोरंजन से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए मुंबई से कई कंपनियों और कलाकारों को बुलाया गया था। ईडी के मुताबिक, इस आयोजन में भुगतान के लिए हवाला चैनलों का इस्तेमाल किया गया।
इवेंट कंपनी को 112 करोड़ और होटल बुकिंग पर 42 करोड़ खर्च का आरोप :
ईडी की जांच में सामने आए डिजिटल साक्ष्यों के हवाले से बताया गया था कि योगेश पोपट की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी आर-1 इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को हवाला के जरिए करीब 112 करोड़ रुपये दिए गए थे। वहीं, होटल बुकिंग के लिए लगभग 42 करोड़ रुपये का भुगतान संयुक्त अरब अमीरात की मुद्रा दिरहम में नकद किए जाने का आरोप है।
जांच एजेंसी का दावा है कि शादी में हुए इन खर्चों का संबंध महादेव ऐप से अर्जित कथित अवैध धन से था।
ऐप में हिस्सेदारी को लेकर भी सामने आए दावे :
महादेव सट्टा ऐप के नेटवर्क में अलग-अलग लोगों की हिस्सेदारी को लेकर भी कई दावे सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत, रवि उप्पल की 25 प्रतिशत, शुभम सोनी की 10 प्रतिशत और अनिल अग्रवाल की 15 प्रतिशत बताई गई है। हालांकि, इन हिस्सेदारियों को अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य मानने से पहले जांच एजेंसियों के आधिकारिक दस्तावेजों और न्यायिक रिकॉर्ड से पुष्टि जरूरी है।
इस मामले में कई राज्यों में प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं। उपलब्ध समाचार इनपुट में 70 प्राथमिकी और 300 से अधिक गिरफ्तारियों का दावा किया गया है।
ओमान से भारत लाए जाने के बाद जांच में खुल सकते हैं कई राज :
सौरभ चंद्राकर के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था। ओमान में हिरासत में लिए जाने के बाद भारतीय एजेंसियों ने उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की और उसे भारत लाया गया। अब उससे पूछताछ के जरिए महादेव सट्टा ऐप के वित्तीय नेटवर्क, हवाला लेनदेन, फ्रेंचाइजी संचालन और कथित रूप से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने की उम्मीद है।
भिलाई के जूस सेंटर से शुरू होकर दुबई में आलीशान जीवनशैली तक पहुंचने वाले सौरभ चंद्राकर की कहानी केवल एक व्यक्ति के उत्थान-पतन की कहानी नहीं है, बल्कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के उस कथित संगठित नेटवर्क की भी पड़ताल है, जिसकी जांच देश की कई एजेंसियां कर रही हैं।



