मंदिरों की जमीन से बढ़ेगी आय, उज्जैन में बनेगी श्रीकृष्ण शोध लाइब्रेरी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदिर संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के दिए निर्देश, 3,200 से अधिक मंदिरों के संरक्षण और श्रीकृष्ण पाथेय योजना के कार्यों में तेजी लाने पर जोर
भोपाल ( शिखर दर्शन ) //
मध्यप्रदेश में मंदिरों की संपत्तियों और धार्मिक स्थलों के बेहतर प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार ने नई कार्ययोजना तैयार करने की पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उच्चस्तरीय बैठक में निर्देश दिए हैं कि मंदिरों के स्वामित्व वाली भूमि का कृषि और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए योजनाबद्ध उपयोग किया जाए, ताकि मंदिरों की आय बढ़े और धार्मिक व्यवस्थाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके। बैठक में गौ-संवर्धन, जल संरचनाओं के संरक्षण, धार्मिक पर्यटन और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों के विकास पर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मंदिरों की जमीन से आय बढ़ाने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिरों की संपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके लिए मंदिरों के स्वामित्व वाली भूमि पर कृषि और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने की ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। इससे होने वाली आय का उपयोग मंदिरों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने में किया जा सकेगा।
सरकार की योजना के तहत प्रदेश के बड़े मंदिरों की आय का एक निश्चित हिस्सा आसपास की गौशालाओं और ‘वृंदावन गांवों’ की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में लगाया जाएगा। इससे गौ-संवर्धन और ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
3,200 से अधिक मंदिरों के संरक्षण पर जोर
मंदिरों में मौजूद जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए ‘जल गंगा अभियान’ के तहत विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी। प्रदेश में 3,200 से अधिक मंदिरों के रखरखाव, प्रवेश द्वारों के निर्माण और श्रीकृष्ण पाथेय से जुड़े स्थलों की जल संरचनाओं के संरक्षण की योजना पर काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया।
उज्जैन में बनेगी अत्याधुनिक श्रीकृष्ण रिसर्च लाइब्रेरी
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन, शिक्षा और विचारों को व्यापक स्तर पर सामने लाने के लिए उज्जैन में अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। यहां दुर्लभ पांडुलिपियों, शोध पत्रों और श्रीकृष्ण से संबंधित साहित्य के अध्ययन एवं अनुसंधान की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण पर आधारित शोध वृत्तचित्र, नाट्य प्रस्तुतियों और संगीत श्रृंखलाओं के प्रसारण के लिए समर्पित यूट्यूब डिजिटल प्लेटफॉर्म संचालित करने की योजना है। कृषि, गौ-संवर्धन, जीवन प्रबंधन और अर्थव्यवस्था के संचालन में श्रीकृष्ण के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रादेशिक और राष्ट्रीय स्तर के विचार सत्र एवं संगोष्ठियां भी आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों में श्रीकृष्ण भक्ति से जुड़ी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।
श्रीकृष्ण पाथेय योजना’ के कार्यों में आएगी तेजी
बैठक में ‘श्रीकृष्ण पाथेय योजना’ के तहत विभिन्न धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
योजना के तहत इन प्रमुख स्थलों पर विकास कार्य किए जा रहे हैं:
- नारायण धाम — महिदपुर
- श्रीकृष्ण धाम — छतरपुर
- जानापाव — महू, इंदौर
- अमझेरा — धार
- मां जागेश्वरी लोक — चंदेरी
- श्रीकृष्ण राधा लोक — पन्ना
- जामगढ़ की पहाड़ियां — रायसेन जिला
सरकार इन योजनाओं को जनभागीदारी और विभिन्न शासकीय योजनाओं के समन्वय से आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों का विकास, सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण और धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देना है।



