फर्स्ट एसी कोच में भी सुरक्षित नहीं यात्री! महिला के ढाई लाख के गहने और नकदी चोरी, अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा

चार बार चेन पुलिंग के बावजूद मदद नहीं मिलने का आरोप, रोते हुए महिला का वीडियो वायरल; रेलवे ने अब तक नहीं की घटना की आधिकारिक पुष्टि
लखनऊ ( शिखर दर्शन ) // ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आनंद विहार टर्मिनल-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में सफर कर रही एक महिला ने करीब ढाई लाख रुपये के गहने और 25 हजार रुपये नकद चोरी होने का आरोप लगाया है। घटना के बाद महिला का रोते हुए बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
फर्स्ट एसी के केबिन से गायब हुए गहने और नकदी
महिला के मुताबिक, वह ट्रेन संख्या 15726 के फर्स्ट एसी कोच के केबिन में यात्रा कर रही थी। इसी दौरान उसके कीमती गहने और नकदी चोरी हो गए। महिला का आरोप है कि घटना के बाद उसने मदद के लिए चार बार चेन पुलिंग की, लेकिन रेलवे पुलिस का कोई जवान मौके पर नहीं पहुंचा।
चार बार चेन पुलिंग, फिर भी नहीं मिली मदद
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिला रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती नजर आ रही है। उसका कहना है कि जब फर्स्ट एसी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले कोच के केबिन में भी यात्री सुरक्षित नहीं हैं, तो आम यात्रियों और महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी कैसे दी जा सकती है।
महिला ने आरोप लगाया कि बार-बार चेन पुलिंग करने के बावजूद कोई पुलिसकर्मी उसकी सहायता के लिए नहीं पहुंचा। यहां तक कि कोई टीटीई भी केबिन में नहीं आया। वीडियो में महिला भावुक होकर कहती है कि राहत की बात सिर्फ इतनी है कि उसका बच्चा चोरी नहीं हुआ। हालांकि, गहने और नकदी गायब होने से वह बेहद परेशान है।
रेलवे अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज होने की जानकारी नहीं
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि रेलवे पुलिस और संबंधित अधिकारियों के पास फिलहाल इस घटना की कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज होने की जानकारी नहीं है। लखनऊ स्टेशन की जीआरपी में भी महिला की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
उत्तर रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) के स्तर पर भी वायरल वीडियो से संबंधित जानकारी नहीं होने की बात सामने आई है। रेलवे अधिकारी फिलहाल घटना की पुष्टि नहीं कर पाए हैं। ऐसे में वीडियो की वास्तविकता, घटना के समय और स्थान की जानकारी जुटाई जा रही है।
यदि घटना लखनऊ स्टेशन पर हुई है, तो महिला की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
महिला का वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “भाजपा ही अराजकता है। भाजपा राज में कोई अपराधी नहीं पकड़ा जाएगा, क्योंकि जो अपराधी होगा वो भाजपा में कहीं कोई पदाधिकारी होगा। नारी के आंसू भाजपा की सत्ता को बहा ले जाएंगे।”

फिलहाल महिला के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। लेकिन इस वायरल वीडियो ने रेलवे में यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा और आपात स्थिति में सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है।
