दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट में! प्रस्तावित बुलेट ट्रेन उत्तर कॉरिडोर में अयोध्या, वाराणसी से गुवाहाटी तक जुड़ेंगे शहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी की रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी, दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट और वाराणसी 3 घंटे 35 मिनट में पहुंचने का दावा
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // देश में तेज रफ्तार रेल संपर्क को विस्तार देने की दिशा में एक बड़ी घोषणा हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन परियोजना के उत्तर कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 31 अक्टूबर को वाराणसी में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित गलियारा दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, पटना और सिलीगुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक जाएगा। इसके तैयार होने पर दिल्ली से आगरा का सफर महज 59 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
इन शहरों के बीच इतना कम हो जाएगा यात्रा का समय
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रस्तावित बुलेट ट्रेन की यात्रा अवधि का विवरण साझा किया है। उनके मुताबिक, कॉरिडोर के चालू होने के बाद प्रमुख शहरों के बीच सफर का समय इस प्रकार रहने का अनुमान है—
- दिल्ली से आगरा : 59 मिनट
- दिल्ली से कानपुर : 1 घंटा 45 मिनट
- दिल्ली से लखनऊ : 2 घंटे 12 मिनट
- लखनऊ से वाराणसी : 1 घंटा 21 मिनट
- दिल्ली से वाराणसी : लगभग 3 घंटे 35 मिनट
इन अनुमानों के अनुसार, उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक, औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्रों के बीच आवागमन पहले की तुलना में काफी तेज हो सकेगा। IANS News+2
पूरी तरह स्वदेशी निर्माण पर जोर
रेल मंत्री ने बताया कि बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के निर्माण में खंभों से लेकर गर्डर तक के काम में भारतीय तकनीक, संसाधनों और कुशल श्रमिकों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने इसे ‘मेक इन इंडिया’ की भावना के अनुरूप परियोजना बताते हुए कहा कि देश के युवा और वेल्डर इसके निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वैष्णव के अनुसार, इस परियोजना से युवाओं, मध्यम आय वर्ग और छोटे उद्योगों से जुड़े कारीगरों को भी रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर मिल सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के 157 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण
वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी रेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 157 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया गया है। इन स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं और बेहतर स्वरूप के साथ विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली और वाराणसी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन सेवा को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा लगभग साढ़े तीन घंटे में पूरी हो सकेगी।
अभी क्या-क्या जानकारी सामने आना बाकी है ?
उत्तर कॉरिडोर को मंजूरी मिलने की घोषणा के बाद अब इसके विस्तृत मार्ग, निर्माण लागत, भूमि अधिग्रहण, निर्माण की समय-सीमा और संचालन शुरू होने की तारीख जैसी जानकारियों का इंतजार है। फिलहाल रेल मंत्री ने प्रस्तावित मार्ग और विभिन्न शहरों के बीच संभावित यात्रा समय का विवरण साझा किया है। इसलिए 59 मिनट में दिल्ली से आगरा पहुंचने का दावा परियोजना पूरी होने के बाद के अनुमानित समय के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि अभी उपलब्ध रेल सेवा के रूप में।



