मध्यप्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, ठंड के बीच बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट; 15 जिलों में चेतावनी

चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से कई संभागों में छाए बादल, तापमान में गिरावट से बढ़ने लगी सर्दी; 4 नवंबर तक जारी रह सकता है मौसम का उतार-चढ़ाव
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्यप्रदेश में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान गिरने के साथ ठंड का अहसास बढ़ने लगा है, वहीं बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से अनेक इलाकों में बादल छाए हुए हैं। कहीं सर्द हवाओं का असर दिखाई दे रहा है तो कहीं नमी और हल्की उमस बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिला-जुला मिजाज बने रहने की संभावना है।
भोपाल सहित कई जिलों में बढ़ी ठंड
राजधानी भोपाल के साथ रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम और बैतूल में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते सुबह और रात के समय ठंड का असर महसूस होने लगा है। बादलों की मौजूदगी के कारण इन क्षेत्रों में मौसम में बदलाव जारी रह सकता है।
दूसरी ओर इंदौर और उज्जैन संभाग में धूप और बादलों की आवाजाही के बीच हल्की उमस बनी हुई है। जबलपुर, मंडला, बालाघाट, शहडोल और डिंडौरी संभाग के कई इलाकों में भी बादलों का डेरा है और वातावरण में नमी बनी हुई है।
15 जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने 1 नवंबर 2026 को प्रदेश के पूर्वी हिस्से के 15 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, अनूपपुर, डिंडौरी, शहडोल, उमरिया, बालाघाट, सिवनी, मंडला, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा शामिल हैं।
इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने तथा बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया और शिवपुरी में भी छिटपुट वर्षा के आसार हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी वाले क्षेत्रों के लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न रुकने की सलाह दी है।
4 नवंबर तक जारी रह सकता है बदलाव
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, मौजूदा मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से 4 नवंबर तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल, हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
गौरतलब है कि इस वर्ष मानसून की लंबी सक्रियता के बाद अक्टूबर के अंतिम दिनों और नवंबर की शुरुआत में मौसम के कई रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं। कहीं ठंड दस्तक दे रही है तो कहीं बादलों और बारिश के कारण वातावरण में नमी बनी हुई है।



