लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने किया नमन

राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जा रही जयंती, अमित शाह ने कहा- सरदार पटेल ने असंभव को संभव कर दिखाया, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में 426.71 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // देशभर में आज लौह पुरुष और अखंड भारत के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। इस अवसर पर राजधानी दिल्ली स्थित पटेल चौक पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई प्रमुख नेताओं ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। सरदार पटेल की जयंती को देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राजधानी में एकता दौड़ सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सरदार पटेल को याद करते हुए उन्हें अखंड भारत का महान शिल्पकार बताया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सरदार पटेल का त्याग, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की प्रेरणा देती है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन एक मजबूत, समृद्ध और सक्षम राष्ट्र के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में विकास परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे 426.71 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं को क्षेत्र के विकास और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमित शाह बोले- सरदार पटेल ने असंभव को संभव कर दिखाया
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।
अमित शाह ने कहा कि आजादी के समय दुनिया के कई राजनीतिक विशेषज्ञों ने आशंका जताई थी कि भारत एकजुट नहीं रह पाएगा और बिखर जाएगा। लेकिन स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से देशी रियासतों का एकीकरण कर ऐसा कार्य कर दिखाया, जिसे उस समय असंभव माना जा रहा था।
देश की एकता और अखंडता के प्रतीक हैं सरदार पटेल
सरदार वल्लभभाई पटेल का भारतीय इतिहास में विशेष स्थान है। स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में उनकी निर्णायक भूमिका ने आधुनिक भारत की भौगोलिक और राजनीतिक एकता की मजबूत नींव रखी। यही कारण है कि उन्हें लौह पुरुष और अखंड भारत का शिल्पकार कहा जाता है। उनकी जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति सामूहिक संकल्प को दोहराने का अवसर प्रदान करते हैं।



