छत्तीसगढ़ में फिर चक्रवाती तूफान का खतरा, 3-4 नवंबर को भारी बारिश के आसार

बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब अगले 24 घंटे में चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका, दक्षिण छत्तीसगढ़ में अधिक असर संभव; धान की फसल को लेकर किसानों की बढ़ी चिंता
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई बारिश के बाद छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने की आशंका है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब तेजी से चक्रवाती तूफान का रूप लेने की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के भीतर इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की प्रबल संभावना है। इसके 2 नवंबर की शाम तक आंध्रप्रदेश के तट पर पहुंचने का अनुमान है। इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के अनेक इलाकों में बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 से 3 नवंबर के बीच प्रदेश में काफी व्यापक से लेकर व्यापक वर्षा होने की संभावना है। वहीं 3 और 4 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में इसका असर अधिक दिखाई देने की आशंका है।
पहले ही प्रभावित हो चुकी है धान की फसल
लगातार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले 28 और 29 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई बारिश के कारण कई इलाकों में खेतों में पानी भर गया था और धान की फसल प्रभावित हुई थी। अब एक बार फिर बारिश की संभावना ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कटाई और फसल को सुरक्षित रखने की तैयारी कर रहे किसानों को मौसम की गतिविधियों पर नजर रखनी पड़ रही है।
आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने 2 नवंबर को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
इसके अलावा 3 और 4 नवंबर को भी प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
अगले दो दिनों में बढ़ सकता है तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दो दिनों के दौरान छत्तीसगढ़ के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान है। यानी तापमान में बढ़ोतरी के बावजूद प्रदेश में मौसम जल्द ही करवट ले सकता है।
जशपुर के मनोरा में सर्वाधिक 7 सेंटीमीटर बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम और एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। जशपुर जिले के मनोरा में सर्वाधिक 7 सेंटीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा कुनकुरी और बलरामपुर जिले के कुसमी में 5-5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
प्रमुख स्थानों पर दर्ज वर्षा का विवरण इस प्रकार है:
- मनोरा (जशपुर) – 7 सेंटीमीटर
- कुनकुरी (जशपुर) – 5 सेंटीमीटर
- कुसमी (बलरामपुर) – 5 सेंटीमीटर
- बगीचा (जशपुर) – 4 सेंटीमीटर
- तपकरा और सन्ना (जशपुर) – 3-3 सेंटीमीटर
- कांसाबेल (जशपुर) – 3 सेंटीमीटर
- सामरी (बलरामपुर) – 2 सेंटीमीटर
- लैलूंगा (रायगढ़) – 2 सेंटीमीटर
- पत्थलगांव (जशपुर) – 2 सेंटीमीटर
- चांदो (बलरामपुर) – 2 सेंटीमीटर
- जशपुरनगर – 2 सेंटीमीटर
प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रहा।
रायपुर में भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में आज 1 नवंबर को आकाश आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है।
आने वाले दो दिनों में प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में किसानों के साथ आम नागरिकों को भी मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है।



