देशभर में फिर सक्रिय होगा मानसून, छत्तीसगढ़ में 14–15 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। वहीं, छत्तीसगढ़ में 14 और 15 जुलाई को कई क्षेत्रों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर में सबसे अधिक असर, मेघालय के लिए रेड अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार मेघालय में रविवार को अत्यधिक वर्षा की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 12 से 18 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
छत्तीसगढ़ में दो दिन विशेष सतर्कता की जरूरत
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में 12 से 18 जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होती रहेगी। 12 से 16 जुलाई के बीच कई जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं 14 और 15 जुलाई को कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बिहार, बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का जोर
बिहार और पश्चिम बंगाल में अगले दो से तीन दिनों तक कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 12 से 16 जुलाई के बीच अच्छी बारिश के आसार हैं। लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
पहाड़ी राज्यों में भी सक्रिय रहेगा मौसम
उत्तराखंड में 12 से 18 जुलाई तक तथा हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
तेज हवाएं और वज्रपात का भी खतरा
मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश तथा पूर्वोत्तर के राज्यों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। लोगों से खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है।
उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत में फिलहाल राहत
आईएमडी के अनुसार अगले छह से सात दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य भारत तथा दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है।
खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों से नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और जोखिम वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।




