नकटी बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री का पुतला फूंका

कांग्रेस भवन से नेहरू चौक तक निकाली रैली, गरीबों के आशियाने उजाड़ने का लगाया आरोप
बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) और शहर कांग्रेस कमेटी ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तिलक नगर स्थित कांग्रेस भवन से नेहरू चौक तक रैली निकालकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के समापन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन कर कार्रवाई का विरोध जताया गया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने देर रात गरीब परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बेघर कर दिया। उनका कहना था कि गरीबों के आशियाने उजाड़कर विकास का दावा करना पूरी तरह अमानवीय है और सरकार को इस कार्रवाई का जवाब देना चाहिए।
सरकार के खिलाफ लगाए नारे
रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि गरीबों के साथ इस प्रकार की कार्रवाई जारी रही तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन तेज करेगी।
इन नेताओं की रही मौजूदगी
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, पूर्व विधायक शैलेश पांडे, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी-1 के अध्यक्ष संतोष गर्ग, शहर कांग्रेस कमेटी के महामंत्री निजामुद्दीन दुलारे, पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला, सीमा पांडे, प्रमोद नायक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।

नकटी कार्रवाई पर गरमाई प्रदेश की राजनीति
गौरतलब है कि रायपुर के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक आवास परियोजना के लिए प्रशासन ने हाल ही में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए कई मकानों को हटाया था। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए की गई, जबकि प्रभावित परिवारों और विपक्ष का आरोप है कि गरीबों के घर उजाड़े गए हैं। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ प्रदर्शन
कांग्रेस भवन से नेहरू चौक तक निकाली गई रैली के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा। नेहरू चौक में मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गरीबों और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।



