फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में ढिलाई बर्दाश्त नहीं: आईजी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में रेंज के सभी एसपी को दिए सख्त निर्देश, एनडीपीएस मामलों और न्यायालयीन वारंटों की समीक्षा
रायगढ़ ( शिखर दर्शन ) // बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग ने रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक लेकर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। रेंज कार्यालय में आयोजित बैठक में कानून-व्यवस्था, एनडीपीएस प्रकरणों, न्यायालयीन समंस-वारंटों की तामीली तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की गई।
एनडीपीएस मामलों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश
बैठक में धारा 173(8) सीआरपीसी/193(9) बीएनएसएस तथा धारा 299 सीआरपीसी/335 बीएनएसएस के तहत लंबित उन मामलों की समीक्षा की गई, जिनमें आरोपियों के फरार रहने के बावजूद चालान पेश किए जा चुके हैं। आईजी ने प्रत्येक जिले को ऐसे मामलों के लिए अलग कार्ययोजना बनाकर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन मामलों में आरोपी फरार हैं, उनमें न्यायालय से वारंट जारी कराकर उसकी तामीली कराने पर भी जोर दिया गया।
अंतर्राज्यीय समन्वय और तकनीकी निगरानी बढ़ाने के निर्देश
आईजी रामगोपाल गर्ग ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राज्यों और अन्य जिलों की पुलिस से लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) तथा संबंधित राज्यों की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के साथ आरोपियों की जानकारी साझा करने को अनिवार्य बताया। इसके अलावा फरार आरोपियों के पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खातों, मोबाइल नंबर, वाहनों और अन्य तकनीकी सूचनाओं का विश्लेषण कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।
नेटग्रिड और सह-आरोपियों से पूछताछ पर जोर
बैठक में नेटग्रिड (NATGRID) से प्राप्त सूचनाओं का उपयोग कर पुलिस टीमों को विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय करने तथा पूर्व में गिरफ्तार सह-आरोपियों से गहन पूछताछ कर फरार आरोपियों के ठिकानों की जानकारी जुटाने के निर्देश भी दिए गए। आईजी ने कहा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तक विवेचना लगातार जारी रखी जाए और प्रत्येक मामले की निगरानी संबंधित पुलिस अधीक्षक स्वयं करें।
न्यायालयीन समंस-वारंटों की समय पर तामीली के निर्देश
आईजी ने न्यायालय द्वारा जारी समंस और वारंटों की समय पर तामीली नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विशेष रूप से गंभीर मामलों में डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जारी जमानती एवं गिरफ्तारी वारंटों की तामीली में लापरवाही पर आपत्ति दर्ज कराई। सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे व्यक्तिगत निगरानी में वारंटों की तामीली सुनिश्चित करें तथा आवश्यकता होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही की व्यवस्था भी कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि रेंज कार्यालय के माध्यम से भेजे गए वारंटों की तामीली में लापरवाही मिली तो संबंधित थाना प्रभारी और नोडल राजपत्रित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करें
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। आईजी ने निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी थाना प्रभारी की लापरवाही के कारण शिकायत उच्च स्तर तक पहुंचती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाए।
सराफा बाजार और पिकेट चेकिंग लगातार जारी रखने के निर्देश
बैठक के अंत में आईजी रामगोपाल गर्ग ने सभी पुलिस अधीक्षकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सराफा बाजारों में नियमित जांच, पिकेट पॉइंट्स की सतत चेकिंग तथा सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले महीने एनडीपीएस प्रकरणों की दोबारा समीक्षा करने की घोषणा करते हुए बैठक का समापन किया।



