ATS जांच में बड़ा खुलासा: ‘मिशन 2047’ के तार पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क से जुड़े, इजहार उल हक की रिमांड आज समाप्त

भोपाल (शिखर दर्शन) //
मध्यप्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) द्वारा गिरफ्तार किए गए कथित संदिग्ध इजहार उल हक की रिमांड सोमवार को समाप्त हो रही है। ATS उसे भोपाल की विशेष अदालत में पेश करेगी। जांच एजेंसियों के अनुसार रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांच में यह बात सामने आने का दावा किया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी कथित रूप से पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क से जुड़े “मिशन 2047” के तहत सक्रिय थे और प्रतिबंधित संगठन PFI के एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे।
ATS सूत्रों के मुताबिक, मामले की जांच अभी जारी है और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। एजेंसी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
भोपाल से शुरू हुई कार्रवाई, फराज की गिरफ्तारी से खुली परतें
मामले की शुरुआत भोपाल के काजी कैंप क्षेत्र से मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्ला की गिरफ्तारी से हुई थी। ATS के अनुसार उसके कब्जे से संदिग्ध दस्तावेज, डिजिटल सामग्री और विभिन्न संपर्कों से जुड़ी जानकारी मिली थी। जांच में यह भी सामने आया कि वह कथित रूप से विशेष प्रशिक्षण के लिए अफगानिस्तान जाने की तैयारी में था।
पूछताछ के दौरान फराज से मिले इनपुट के आधार पर कई अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए, जिसके बाद जांच का दायरा कई राज्यों तक फैल गया।
नईम कुरैशी को उत्तर प्रदेश से किया गया गिरफ्तार
फराज से पूछताछ के बाद कथित मास्टरमाइंड नईम अब्दुल्ला कुरैशी का नाम सामने आया। ATS ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से उसे गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी का दावा है कि नईम और फराज पिछले कई वर्षों से संपर्क में थे और नेटवर्क के विस्तार में उसकी अहम भूमिका थी।
राजस्थान से पकड़ा गया शाकिर मेव
जांच के दौरान राजस्थान के अलवर जिले से मोहम्मद शाकिर मेव को भी गिरफ्तार किया गया। ATS के अनुसार वह कथित तौर पर नेटवर्क की रणनीति और गतिविधियों की योजना बनाने का कार्य करता था। गिरफ्तारी के बाद उसे भोपाल लाकर पूछताछ की गई और बाद में न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
बिहार के मधुबनी से दबोचा गया इजहार उल हक
मध्यप्रदेश ATS और बिहार ATS की संयुक्त कार्रवाई में बिहार के मधुबनी जिले से इजहार उल हक को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए गए। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह पहले से गिरफ्तार किए गए आरोपियों के संपर्क में था और कथित तौर पर विदेश से आने वाली फंडिंग को नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचाने का काम करता था।
‘मिशन 2047’ को लेकर पूछताछ में सामने आई जानकारियां
ATS सूत्रों के अनुसार इजहार से पूछताछ के दौरान “मिशन 2047” नामक कथित गतिविधि को लेकर महत्वपूर्ण सूचनाएं मिली हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क का वास्तविक स्वरूप क्या था, इसके सदस्य कितने राज्यों में सक्रिय थे और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
ATS की कार्रवाई एक नजर में
• 12 जून 2026 को भोपाल के काजी कैंप से मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्ला गिरफ्तार।
• फराज से पूछताछ में उत्तर प्रदेश निवासी नईम कुरैशी का नाम सामने आया।
• सहारनपुर से नईम कुरैशी को गिरफ्तार किया गया।
• राजस्थान के अलवर से मोहम्मद शाकिर मेव को दबोचा गया।
• बिहार के मधुबनी से इजहार उल हक को संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया।
• चारों आरोपियों के बीच संपर्क और कथित नेटवर्क की जांच जारी।
• फराज, नईम और शाकिर वर्तमान में जेल में हैं।
• इजहार उल हक की रिमांड समाप्त होने पर आज अदालत में पेशी होगी।
जांच एजेंसियां खंगाल रही हैं पूरे नेटवर्क की कड़ियां
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले में ATS, तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अंतरराज्यीय संपर्कों की गहन पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।



