सेंसेक्स फिसला, निफ्टी भी दबाव में; आईटी और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी

मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स करीब 50 अंकों की गिरावट के साथ 77,100 के आसपास कारोबार करता नजर आया, जबकि एनएसई निफ्टी भी लगभग 20 अंक टूटकर 24,050 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आईटी और मीडिया सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक कमजोरी दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई शेयर बाजारों में गुरुवार को मिश्रित कारोबार देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुआ और इसमें एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। जापान का निक्केई इंडेक्स भी मजबूत रहा और निवेशकों की खरीदारी के दम पर उल्लेखनीय तेजी दर्ज की। वहीं हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक दबाव में रहा और इसमें करीब दो प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
अमेरिकी बाजारों में रही कमजोरी
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और निवेशकों की सतर्कता का असर अमेरिकी बाजारों पर दिखाई दिया, जिसका प्रभाव एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली का सिलसिला जारी है। पिछले सात कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने लगभग 1,530 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार घरेलू निवेशकों ने 1,561 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि विदेशी निवेशकों ने 102 करोड़ रुपये की बिकवाली की। पिछले एक महीने के दौरान भी घरेलू निवेशकों की खरीदारी विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर भारी रही है।
पिछले कारोबारी सत्र में रही थी तेजी
इससे पहले बुधवार को शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 347 अंकों की बढ़त के साथ 77,156 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 97 अंक चढ़कर 24,086 के स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि गुरुवार को शुरुआती कारोबार में बाजार फिर दबाव में नजर आया।
निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बाजारों की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियां फिलहाल भारतीय बाजार की दिशा तय कर रही हैं। ऐसे में निवेशक आने वाले कारोबारी सत्रों में सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।



