मानसून से पहले ही मेहरबान हुआ मौसम: जून का 65% बारिश कोटा पूरा, कई जिलों में आज भी आंधी-बारिश का अलर्ट

प्री-मानसून की जोरदार दस्तक, गर्मी से मिली राहत; 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में पहुंच सकता है मानसून
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश में मानसून के आधिकारिक आगमन से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है। प्री-मानसून गतिविधियों के चलते प्रदेश में जून महीने की औसत वर्षा का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश की चेतावनी जारी की है।
प्री-मानसून बारिश ने बनाया रिकॉर्ड
बीते कुछ दिनों से प्रदेशभर में सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से लगातार वर्षा हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून आने से पहले ही कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जिससे जून माह के लिए निर्धारित औसत वर्षा का बड़ा हिस्सा पूरा हो गया है। राजधानी सहित कई शहरों में मौसम सुहावना बना हुआ है।
नीमच में सबसे ज्यादा बरसे मेघ
पिछले 24 घंटों के दौरान नीमच जिले में सबसे अधिक करीब ढाई इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कई जिलों में एक इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बारिश के कारण दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है और लोगों को गर्म हवाओं से राहत मिली है।
सक्रिय मौसम प्रणालियों का असर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी पहुंच रही है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण की सक्रियता के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। यही वजह है कि मानसून से पहले ही कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा देखने को मिल रही है।
कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के अनेक जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और वर्षा की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर आंधी के साथ तेज बारिश हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
जल्द दस्तक दे सकता है मानसून
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि मौजूदा मौसम प्रणाली इसी प्रकार सक्रिय रही तो दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 से 18 जून के बीच मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। मानसून की दस्तक के बाद प्रदेश में व्यापक और नियमित वर्षा का दौर शुरू होने की संभावना है, जिससे खरीफ सीजन की तैयारियों को भी गति मिलेगी।



