100 तोला सोना, करोड़ों का दहेज और फिर मौत! नवविवाहिता की संदिग्ध मौत ने खड़े किए कई सवाल

शादी के महज 3 महीने बाद महिला अधिवक्ता की रहस्यमयी मौत, पिता ने लगाया हत्या और दहेज प्रताड़ना का आरोप

जबलपुर ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। चेन्नई की रहने वाली नवविवाहिता अधिवक्ता कविता की शादी के महज तीन महीने बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के पिता ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए दहेज प्रताड़ना और लालच का गंभीर आरोप लगाया है। अब न्याय की उम्मीद में परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है, जिसके बाद जिला न्यायालय ने पुलिस और ससुराल पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
शादी में बहाया करोड़ों का धन, फिर भी बढ़ती रही मांग
मृतका के परिजनों के अनुसार 2 मार्च 2025 को कविता की शादी आर्मी डॉक्टर मेजर ओम नागार्जुन से बड़े ही धूमधाम से हुई थी। बेटी की खुशियों के लिए परिवार ने करीब 3 करोड़ रुपये खर्च कर भव्य शादी की। दहेज में 100 तोला सोना, 25 लाख रुपये का कीमती नेकलेस और अन्य महंगे उपहार दिए गए। बताया गया कि लड़के पक्ष की टक्सन कार की मांग पूरी नहीं हो सकी तो परिवार ने एक्सयूवी-700 वाहन देकर समझौता किया।

50 लाख से बढ़कर 2 करोड़ तक पहुंची मांग
परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद भी दहेज की मांग का सिलसिला नहीं रुका। मई 2025 में अस्पताल खोलने के नाम पर पहले 50 लाख रुपये मांगे गए और बाद में यह मांग बढ़कर 2 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। पिता का आरोप है कि जब उन्होंने इतनी बड़ी रकम देने से इनकार कर दिया, तो उनकी बेटी की जिंदगी ही छीन ली गई।
बाथरूम में मिली बेहोश, अस्पताल पहुंचाने में लगे 3 घंटे
10 जून 2025 को जबलपुर स्थित आर्मी क्वार्टर के बाथरूम में कविता बेहोशी की हालत में मिली। परिजनों का कहना है कि घर से अस्पताल की दूरी मात्र पांच मिनट थी, लेकिन उसे अस्पताल पहुंचाने में करीब तीन घंटे लगा दिए गए। ससुराल पक्ष ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट और अंदर ब्लड क्लॉट मिलने की बात सामने आई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी उठे सवाल
मृतका के परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले को दबाने और सच्चाई छिपाने के लिए प्रभाव का इस्तेमाल किया गया। उनका दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट को प्रभावित करने की भी कोशिश हुई। सिर पर चोट और खून के थक्के मिलने के बाद मौत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
न्याय के लिए भटकता रहा परिवार
बेटी की मौत के बाद पिता लगातार न्याय की गुहार लगाते रहे। उनका आरोप है कि गोराबाजार थाने में कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। अंततः उन्होंने जिला न्यायालय में याचिका दायर की, जिसके बाद अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस और ससुराल पक्ष को नोटिस जारी किया है।
पहले भी विवादों में रहा आरोपी
परिजनों ने दावा किया है कि मेजर ओम नागार्जुन की वर्ष 2024 में चेन्नई में एक सैन्य अधिकारी की बेटी से सगाई हुई थी। आरोप है कि उस समय भी करोड़ों रुपये की मांग को लेकर विवाद हुआ था और मांग पूरी नहीं होने पर सगाई तोड़ दी गई थी।
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
यह मामला अब केवल एक संदिग्ध मौत का नहीं, बल्कि दहेज, प्रभाव और न्याय व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवालों का विषय बन गया है। अदालत की निगरानी में आगे की कार्रवाई से अब यह उम्मीद जगी है कि मौत की असल वजह सामने आएगी और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



