बवाल के बीच बंगाल में बंपर वोटिंग: सुबह 11 बजे तक 41.11% मतदान, कई जगह हिंसा की घटनाएं

पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग, मुर्शिदाबाद-मालदा में तनाव के बीच भी भारी मतदान
कोलकाता ( शिखर दर्शन ) // पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हिंसा और बवाल के बीच भी मतदाताओं का उत्साह देखने को मिला। सुबह 7 बजे से शुरू हुए मतदान में शुरुआती चार घंटों में ही 41.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के मुताबिक कई संवेदनशील इलाकों में तनाव और झड़पों के बावजूद लोग बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
आंकड़ों के अनुसार पश्चिम मिदनापुर में सबसे अधिक करीब 44.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि मुर्शिदाबाद में हिंसा के बीच भी 42 प्रतिशत वोटिंग हुई। मालदा जिले में लगभग 38 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे साफ है कि मतदाताओं में खासा उत्साह है।
पहले चरण में राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसमें लगभग 3.60 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इस चरण में कुल 1,452 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनाव के लिए 44,376 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में पहली बार वोट डालने वाले युवा मतदाता भी शामिल हैं।
इधर मुर्शिदाबाद, मालदा और सिलीगुड़ी समेत कई इलाकों से हिंसा और झड़प की खबरें सामने आई हैं। मुर्शिदाबाद के नाओदा में मतदान से पहले देसी बम फेंके जाने की घटना में कई लोग घायल हो गए। घटनास्थल पर पहुंचे आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर की तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं से झड़प हो गई, जिसके बाद वे विरोध में धरने पर बैठ गए।
वहीं सिलीगुड़ी में एक मतदान केंद्र के बाहर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच बहस के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मौके पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और मतदान प्रक्रिया को फिर से सुचारू कराया।
चुनाव आयोग ने मुर्शिदाबाद के डोमकल क्षेत्र में मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोपों पर जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।



