शिक्षा विभाग में घूसखोरी का आरोप: प्राचार्य ने BEO पर लगाए गंभीर आरोप , धमकी और अभद्रता की भी शिकायत

रिटायरमेंट से पहले पैसों की मांग का दावा, जांच के आदेश, कलेक्टर के निर्देश पर जांच शुरू , 7 दिन में मांगी गई रिपोर्ट
बिलासपुर / GPM ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां शासकीय हाई स्कूल बचरवार पेंड्रा के प्राचार्य संतोष कुमार राठौर ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) संजीव शुक्ला पर रिश्वतखोरी, अभद्र व्यवहार और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित शिकायत सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है।
प्राचार्य के अनुसार, विभिन्न कार्यों के लिए उनसे कथित रूप से अलग-अलग रकम की मांग की गई। आरोप है कि रिलीव करने के लिए 10 हजार रुपए, मेडिकल बिल पास कराने के लिए 12 हजार रुपए और जीपीएफ पासबुक में हस्ताक्षर के लिए 6 हजार रुपए लिए गए। साथ ही हाल ही में फिर से 5 हजार रुपए की मांग करते हुए रकम नहीं देने पर अभद्रता और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। प्राचार्य ने बताया कि उनका रिटायरमेंट 30 जून 2026 को प्रस्तावित है, ऐसे में लंबित देयों को लेकर वे मानसिक दबाव में हैं।
इसी मामले में एक अन्य शिक्षक पवन कुमार ने भी BEO पर यात्रा भत्ता बिल पास करने के एवज में 50 प्रतिशत कमीशन मांगने, जातिसूचक टिप्पणी करने और धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। उन्होंने भी इस संबंध में DEO को शिकायत दी है।
वहीं, BEO संजीव शुक्ला ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि प्राचार्य का मामला दूसरे डीडीओ के पास लंबित है और उनकी पत्नी द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत वेतन संबंधी जानकारी मांगे जाने के बाद इस तरह की शिकायत की जा रही है। शिक्षक द्वारा लगाए गए आरोपों को भी उन्होंने गलत बताया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर DEO रजनीश तिवारी ने जांच टीम गठित कर दी है। टीम को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। अब पूरे मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।



