जनगणना ड्यूटी पर असहयोग आंदोलन की चेतावनी, अक्षय तृतीया पर प्रशिक्षण का विरोध

शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
धमतरी ( शिखर दर्शन ) // जनगणना कार्य में प्रधान पाठकों की ड्यूटी लगाए जाने और अक्षय तृतीया के दिन प्रशिक्षण आयोजित किए जाने के विरोध में शालेय शिक्षक संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो जनगणना कार्य में असहयोग आंदोलन किया जाएगा।
शिक्षक संघ ने बुधवार को तहसील कार्यालय पहुंचकर जिला एवं तहसील जनगणना अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। संघ का कहना है कि शालाओं में पहले से ही पर्याप्त संख्या में अधीनस्थ शिक्षक पदस्थ हैं, इसके बावजूद संस्था प्रमुखों और प्रधान पाठकों को जनगणना ड्यूटी में लगाया जाना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे उनके नियमित शैक्षणिक दायित्व भी प्रभावित होंगे।
संघ के पदाधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल शिक्षण कार्य बाधित होगा, बल्कि जनगणना की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर भी शिक्षकों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस दिन पारंपरिक रूप से तर्पण जैसे धार्मिक कार्यक्रम पूरे दिन चलते हैं, ऐसे में प्रशिक्षण में शामिल होना उनके लिए व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
ज्ञापन के माध्यम से संघ ने दोनों मांगों पर पुनर्विचार करने की अपील की है। संघ के जिला अध्यक्ष दिनेश पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो शिक्षक जनगणना कार्य का बहिष्कार करते हुए असहयोग आंदोलन शुरू करेंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के प्रतिनिधि मंडल में रोहित साहू, राजेश यादव, मुकेश यादव, दिलीप साहू, प्रवीण साहू, रेखराम साहू और मनोज देवदास सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।




