छत्तीसगढ़ में आज कई अहम गतिविधियां: CM साय के कार्यक्रम, जनगणना शुरू, RTE पर विवाद तेज

उद्योग मंत्री देवांगन सक्ती-रायगढ़ दौरे पर, निजी स्कूलों का आंदोलन और वेदांता हादसे पर सियासत गरमाई
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ में आज प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण गतिविधियां एक साथ देखने को मिलेंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे, वहीं वेदांता पावर प्लांट हादसे के बाद उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन सक्ती और रायगढ़ का दौरा करेंगे। इसी बीच जनगणना 2026-27 के तहत स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है, जबकि आरटीई मुद्दे पर निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन भी तेज हो गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुबह पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां वे नवनियुक्त अभ्यर्थियों को शासकीय सेवाओं के लिए नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। इसके बाद वे प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहेंगे और शाम को ऑक्सीजोन में भारतीय स्टेट बैंक की नई शाखा का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए हैं।
वहीं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन वेदांता पावर प्लांट हादसे के बाद आज रायगढ़ और सक्ती का दौरा करेंगे। वे अस्पतालों में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उपचार व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की कार्रवाई को लेकर दिशा-निर्देश देंगे। उधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज भी जांजगीर-चांपा और सक्ती पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे, जिससे इस मुद्दे पर सियासी हलचल तेज हो गई है।
इधर प्रदेश में आज से जनगणना 2026-27 के पहले चरण के तहत स्व-गणना प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें नागरिक 30 अप्रैल तक ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन करेंगे। प्रशासन ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में ऑनलाइन भागीदारी की अपील की है, ताकि प्रक्रिया को सरल और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
दूसरी ओर आरटीई मुद्दे को लेकर निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन भी तेज हो गया है। प्राइवेट स्कूल प्रबंधन ने लॉटरी से चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया है और 17 अप्रैल को काली पट्टी बांधकर विरोध जताने के साथ 18 अप्रैल को स्कूल बंद रखने की घोषणा की है। स्कूल प्रबंधन ने सरकार से प्रति विद्यार्थी प्रतिपूर्ति राशि को संशोधित करने की मांग उठाई है, जिसे लेकर शिक्षा विभाग और निजी संस्थानों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।



