किसानों को मिला ‘बीज से बाजार’ का रास्ता

उन्नत कृषि महोत्सव में बोले राजनाथ सिंह – लगन से प्रदेश को आगे बढ़ा रहे सीएम डॉ. मोहन यादव
भोपाल/रायसेन (शिखर दर्शन) // मध्यप्रदेश के किसानों के लिए 11 अप्रैल का दिन नई उम्मीद और नई दिशा लेकर आया, जब रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित ‘उन्नत कृषि महोत्सव 2026’ में अन्नदाताओं को बीज से लेकर बाजार तक की पूरी श्रृंखला की जानकारी दी गई। इस महोत्सव में आधुनिक खेती, तकनीक, बाजार व्यवस्था और सरकारी योजनाओं का संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में किसानों को बीज, उर्वरक, सिंचाई प्रबंधन, उद्यानिकी, बैंकिंग समाधान और आधुनिक कृषि मशीनों का लाइव प्रदर्शन दिखाया गया। साथ ही डिजिटल सुविधा को बढ़ावा देते हुए ‘ई-फॉर्म्स’ ऐप भी लॉन्च किया गया, जिससे किसान अब योजनाओं और सेवाओं तक आसान पहुंच बना सकेंगे।
किसानों के सम्मान में बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि रायसेन जिला अकेले 47 देशों में बासमती चावल का निर्यात कर रहा है, जो प्रदेश की कृषि ताकत को दर्शाता है।
सीएम ने कहा कि किसानों को गेहूं का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए इस वर्ष बोनस सहित 2625 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान किया जा रहा है। साथ ही सिंचाई के रकबे में वृद्धि और दिन में बिजली उपलब्ध कराने जैसे कदम किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे हैं।
रक्षा मंत्री का भरोसा – बदलेगी किसानों की तकदीर
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने महोत्सव को किसानों के लिए “तकदीर बदलने वाला मंच” बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसानों को बिचौलियों से मुक्त बाजार की जानकारी देगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. मोहन यादव पूरी लगन के साथ प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने किसानों को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके कल्याण में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

कृषि बनेगी भविष्य की ताकत
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि मध्यप्रदेश को कृषि और उद्यानिकी (हॉर्टिकल्चर) का हब बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 55 दाल मिलें स्थापित की जाएंगी और दलहन की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और किसानों के अनुभव के मेल से ही कृषि क्षेत्र में वास्तविक विकास संभव है।
13 अप्रैल तक चलेगा महोत्सव
तीन दिवसीय यह कृषि महोत्सव 13 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें 20 से अधिक विषयों पर चर्चा होगी। वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और प्रगतिशील किसानों के साथ संवाद के जरिए खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
यह महोत्सव न सिर्फ किसानों को नई तकनीक से जोड़ रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और बाजार उन्मुख बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हो रहा है।



