31 जनवरी भस्म आरती में महाकाल का राजसी श्रृंगार, भांग-चंदन-त्रिनेत्र से सजा बाबा का दिव्य स्वरूप

उज्जैन (शिखर दर्शन) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान जय जय श्री महाकाल, हर हर महादेव, हर हर शंभू और ॐ नमः शिवाय के जयघोष से गूंज उठा। माघ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर सुबह करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके बाद विधि-विधान से भस्म आरती संपन्न हुई।
कपाट खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर भगवान महाकालेश्वर का जलाभिषेक किया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। भस्म आरती में बाबा महाकाल को चंदन का त्रिपुंड, त्रिनेत्र और भांग अर्पित कर राजा स्वरूप में मनमोहक श्रृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्प अर्पित कर बाबा का भव्य अलंकरण किया गया।
अल सुबह हुई भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर आशीर्वाद मांगा। पूरे मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के जयकारों से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।



