13 मई भस्म आरती: बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक, रजत मुकुट और रुद्राक्ष माला से दिव्य श्रृंगार
उज्जैन (शिखर दर्शन) //
ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि मंगलवार 13 मई को उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में अलसुबह भस्म आरती का दिव्य आयोजन संपन्न हुआ। तड़के सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोले गए। इसके बाद भगवान महाकाल का विधिवत जलाभिषेक किया गया।
जलाभिषेक के उपरांत बाबा महाकाल का पंचामृत से अभिषेक किया गया, जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस का प्रयोग हुआ। इसके बाद बाबा को भस्म अर्पित की गई, जो इस आरती की विशेष परंपरा है। पूजन के उपरांत भगवान को शेषनाग के आकार वाला रजत मुकुट धारण कराया गया। साथ ही रुद्राक्ष की माला और सुगंधित गुलाब के फूलों की सुंदर माला से बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया।
श्रृंगार के बाद महाप्रसाद स्वरूप बाबा को ताजे फलों और मिष्ठानों का भोग अर्पित किया गया। इस शुभ अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रातःकालीन भस्म आरती में भाग लेकर बाबा के दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया।
श्रद्धालु नंदी महाराज के कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना कर रहे थे। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री महाकाल”, “हर हर महादेव”, “ॐ नमः शिवाय” के जयकारे गूंज रहे थे, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
