70 लाख की हाई-प्रोफाइल चोरी का 6 घंटे में खुलासा: घर का रसोइया निकला मास्टरमाइंड, समता एक्सप्रेस से भागते दो आरोपी नागपुर में गिरफ्तार

CCTV, तकनीकी सर्विलांस और आरपीएफ के संयुक्त ऑपरेशन से 51.50 लाख नकद सहित करीब 70 लाख का पूरा माल बरामद
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // राजधानी रायपुर में हुई 70 लाख रुपये की हाई-प्रोफाइल चोरी का पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि परिवार का भरोसेमंद घरेलू रसोइया ही चोरी की साजिश का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के समन्वय से समता एक्सप्रेस से नागपुर भाग रहे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 51.50 लाख रुपये नकद सहित करीब 70 लाख रुपये का पूरा मशरूका बरामद कर लिया।
परिवार के बाहर जाते ही वारदात को दिया अंजाम
पुलिस के अनुसार, अशोका आइकन, मोवा निवासी कारोबारी पंकज अग्रवाल 26 जुलाई को परिवार सहित निजी कार्य से नया रायपुर गए हुए थे। घर पर केवल घरेलू रसोइया महेन्द्र यादव मौजूद था, जिसे 14 जुलाई को दोबारा काम पर रखा गया था। शाम को परिवार के लौटने पर मुख्य दरवाजा बंद मिला, जबकि पीछे का गेट खुला था। घर के अंदर अलमारी और लॉकर खुले मिले तथा नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, गिन्नियां, सिक्के, पेन ड्राइव और महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब थे।
रसोइए पर गया पहला शक, दर्ज हुई एफआईआर
घटना के बाद शुरुआती जांच में संदेह घरेलू रसोइये पर गया। प्रार्थी की शिकायत पर पंडरी थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज से खुली पूरी साजिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (उत्तर) दीपमाला कश्यप के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा पंडरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें घरेलू रसोइया महेन्द्र यादव बैग लेकर घर से निकलता दिखाई दिया। उसके साथ एक अन्य युवक भी मौजूद था।
समता एक्सप्रेस से नागपुर भाग रहे थे आरोपी
पुलिस ने शहरभर के सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक किया। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी रेलवे स्टेशन पहुंचे और समता एक्सप्रेस से नागपुर के लिए रवाना हो गए। सूचना मिलते ही रायपुर पुलिस ने आरपीएफ नागपुर से संपर्क कर आरोपियों की जानकारी साझा की। संयुक्त कार्रवाई में नागपुर रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दोनों को ट्रेन से उतरते ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में कबूली पूरी वारदात
पूछताछ में मुख्य आरोपी महेन्द्र यादव ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी पिंटू यादव उर्फ अभिषेक यादव के साथ पहले से चोरी की पूरी योजना बनाई थी। परिवार के घर से बाहर निकलने का इंतजार कर दोनों ने लॉकर और अलमारी में रखी नकदी, जेवर और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। वारदात के बाद दोनों मोटरसाइकिल से घड़ी चौक पहुंचे, वहां वाहन खड़ा कर किराये के वाहन से रेलवे स्टेशन पहुंचे और समता एक्सप्रेस से फरार हो गए।
70 लाख का पूरा मशरूका बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 51.50 लाख रुपये नकद, सोने के जेवर, गिन्नियां, सिक्के, चांदी का सिक्का, पेन ड्राइव, महत्वपूर्ण दस्तावेज तथा अन्य कीमती सामान सहित लगभग 70 लाख रुपये का पूरा मशरूका बरामद कर लिया। घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
बिहार के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में महेन्द्र यादव (22 वर्ष) निवासी जिला बांका (बिहार), जो घटना के समय प्रार्थी के घर में रसोइये का काम करता था, तथा उसका साथी पिंटू यादव उर्फ अभिषेक यादव (25 वर्ष) निवासी जिला बांका (बिहार), हाल निवासी आमासिवनी, रायपुर शामिल हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई बनी मिसाल
रायपुर पुलिस ने इस पूरे मामले में तकनीकी सर्विलांस, सीसीटीवी विश्लेषण, त्वरित फील्ड ऑपरेशन और आरपीएफ नागपुर के साथ प्रभावी समन्वय के जरिए महज छह घंटे में चोरी की गुत्थी सुलझा दी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल पूरी साजिश का खुलासा हुआ, बल्कि चोरी गया लगभग पूरा माल भी बरामद कर लिया गया।



