ऑपरेशन के दौरान युवक की मौत का आरोप: परिजनों ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

पाइल्स सर्जरी के बाद बिगड़ी हालत, मृत अवस्था में रेफर करने का आरोप; निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
रायगढ़ ( शिखर दर्शन ) // खरसिया सिविल अस्पताल में पाइल्स का ऑपरेशन कराने गए एक युवक की उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिजन मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित रूप से लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ऑपरेशन के दौरान लापरवाही का आरोप
कलेक्टर को दिए गए आवेदन में मृतक तामेश्वर शर्मा के पिता रावेन्द्र प्रसाद शर्मा ने बताया कि उनका छोटा बेटा तामेश्वर शर्मा 25 जून को पाइल्स का ऑपरेशन कराने खरसिया सिविल अस्पताल में भर्ती हुआ था। उनका आरोप है कि अस्पताल में डॉ. विक्रम राठिया और डॉ. सजन अग्रवाल द्वारा ऑपरेशन किया गया, जिसके दौरान कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण तामेश्वर की मौत हो गई।
मौत के बाद रेफर करने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद मामले को दबाने के उद्देश्य से डॉ. विक्रम राठिया ने तामेश्वर को मृत अवस्था में ही एम्बुलेंस से तत्काल रायगढ़ स्थित मेट्रो अस्पताल रेफर कर दिया। उनका कहना है कि मेट्रो अस्पताल पहुंचने पर वहां के चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि युवक की मृत्यु काफी पहले हो चुकी थी और उसकी मौत खरसिया सिविल अस्पताल में ही हो गई थी।
जनदर्शन में लगाई न्याय की गुहार
घटना से आक्रोशित परिजनों ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा दोषियों को दंडित करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है और मामले में निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
प्रशासनिक जांच की मांग
परिजनों ने मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ऑपरेशन से लेकर रेफर करने तक की प्रक्रिया की समीक्षा की जाए तथा यदि चिकित्सीय लापरवाही सिद्ध होती है तो संबंधित अधिकारियों और डॉक्टरों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।



