मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी, प्रदेश में उमस और गर्मी बढ़ी; अगले दो दिनों में बारिश पकड़ सकती है रफ्तार

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिससे प्रदेश के मध्य हिस्सों में उमस और गर्मी का असर बढ़ गया है। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में रविवार को बारिश नहीं होने के कारण लोगों को दिनभर गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। हालांकि मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगामी दो दिनों में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
उत्तरी छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार 13 जुलाई से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय होंगी। विशेषकर उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की भी आशंका है।
रायपुर में बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना
राजधानी रायपुर में सोमवार को आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहने का अनुमान है। गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
पेंड्रा रोड रहा सबसे गर्म
रविवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, लेकिन मध्य क्षेत्र अपेक्षाकृत शुष्क रहा। इस दौरान पेंड्रा रोड में सर्वाधिक 35.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जिससे गर्मी का प्रभाव और बढ़ गया।
सक्रिय मौसम प्रणालियों का मिलेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका श्रीगंगानगर, हिसार, मेरठ, शाहजहांपुर, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर होते हुए दक्षिण असम तक विस्तृत है। वहीं उत्तर-पूर्व बिहार और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय बना हुआ है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है।
वज्रपात को लेकर सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की है। नागरिकों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।



