छत्तीसगढ़ को मिली चिकित्सा शिक्षा की बड़ी सौगात: 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों को मिली मंजूरी, 250 नई एमबीबीएस सीटें बढ़ेंगी

गीदम, कुनकुरी, मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम में शुरू होंगे कॉलेज; मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा का जताया आभार
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मिली है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश में पांच नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इन कॉलेजों में प्रत्येक में 50-50 एमबीबीएस सीटों की स्वीकृति मिलने से राज्य में एक साथ 250 नई एमबीबीएस सीटों का विस्तार होगा।
स्वीकृति के अनुसार गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम में नए शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के प्रति आभार व्यक्त किया।
दूरस्थ अंचलों के युवाओं को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में स्वास्थ्य और शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा सुदृढ़ और आधुनिक स्वास्थ्य तंत्र विकसित करना है, जहां प्रदेश का कोई भी युवा डॉक्टर बनने के अवसर से वंचित न रहे और नागरिकों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों या बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि कभी नक्सल प्रभावित रहे गीदम से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्र कुनकुरी तक मेडिकल कॉलेजों की स्थापना इस बात का प्रमाण है कि विकास की योजनाएं प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंच रही हैं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए मेडिकल कॉलेज केवल चिकित्सा शिक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा अनुसंधान और स्थानीय मानव संसाधन विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होंगे। इससे प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी और ग्रामीण तथा आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार का यह कदम छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ ही युवाओं के सपनों को नई दिशा देगा।



