डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा : धरमलाल कौशिक

पुण्यतिथि पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि
बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक, महान शिक्षाविद् एवं देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पुराना बस स्टैंड स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को स्मरण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में लागू दो विधान, दो निशान और दो प्रधान की व्यवस्था का विरोध करते हुए राष्ट्रीय एकता के लिए संघर्ष किया और सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन त्याग, समर्पण, राष्ट्रभक्ति और दृढ़ संकल्प का अनुपम उदाहरण है, जिससे प्रत्येक देशवासी को प्रेरणा लेनी चाहिए।

भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का सपना एक सशक्त, समृद्ध और अखंड भारत का निर्माण करना था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश उनके सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का हटना डॉ. मुखर्जी के संकल्प को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे डॉ. मुखर्जी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाएं तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संगठन और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बताए मार्ग पर चलने तथा राष्ट्र सेवा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



