मोबाइल की लत बन रही आंखों की दुश्मन, विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

स्क्रीन टाइम बढ़ा रहा आंखों की परेशानी, ड्राई आई सिंड्रोम की चपेट में आ रहे बच्चे और युवा
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // डिजिटल युग में स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लोगों की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक अधिकांश लोग घंटों स्क्रीन के सामने समय बिता रहे हैं। हालांकि तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसका बढ़ता उपयोग आंखों की सेहत पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार लगातार स्क्रीन देखने की आदत के कारण ड्राई आई सिंड्रोम के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है।
क्या है ड्राई आई सिंड्रोम ?
ड्राई आई सिंड्रोम ऐसी स्थिति है, जब आंखों में पर्याप्त मात्रा में आंसू नहीं बन पाते या फिर आंसू जल्दी सूख जाते हैं। इसके कारण आंखों की सतह पर नमी कम हो जाती है और व्यक्ति को असहजता महसूस होने लगती है।
क्यों बढ़ रही है यह समस्या ?
विशेषज्ञों के अनुसार जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर या लैपटॉप स्क्रीन को देखता है तो उसकी पलक झपकाने की गति सामान्य से काफी कम हो जाती है।
- सामान्य स्थिति में व्यक्ति एक मिनट में 15 से 20 बार पलक झपकाता है।
- स्क्रीन देखने के दौरान यह संख्या घटकर 5 से 7 बार तक रह जाती है।
- कम पलक झपकाने से आंखों की नमी तेजी से कम होती है।
- परिणामस्वरूप आंखों में सूखापन और जलन की समस्या शुरू हो जाती है।
बच्चों में भी बढ़ रहा खतरा
ड्राई आई सिंड्रोम अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा। बच्चों और युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
कई बच्चे मोबाइल देखते हुए भोजन करते हैं या घंटों ऑनलाइन गेम और वीडियो में व्यस्त रहते हैं। इससे न केवल आंखों पर दबाव बढ़ता है, बल्कि उनकी भोजन संबंधी आदतें और शारीरिक विकास भी प्रभावित हो सकता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
ड्राई आई सिंड्रोम के शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचानना जरूरी है।
प्रमुख लक्षण
- आंखों में सूखापन
- जलन और खुजली
- आंखों का लाल होना
- चुभन महसूस होना
- बार-बार पानी आना
- धुंधला दिखाई देना
- रोशनी से परेशानी
- लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद सिरदर्द
यदि ये समस्याएं लगातार बनी रहें तो नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
कैसे रखें आंखों का ध्यान ?
विशेषज्ञ आंखों को स्वस्थ रखने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाने की सलाह देते हैं।
अपनाएं 20-20-20 नियम
- हर 20 मिनट बाद
- 20 सेकंड के लिए
- 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें
अन्य जरूरी सावधानियां
- स्क्रीन की ब्राइटनेस संतुलित रखें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- बार-बार पलक झपकाने की आदत डालें।
- सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल का उपयोग बंद करें।
- बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करें।
- नियमित अंतराल पर आंखों को आराम दें।
समय रहते सतर्कता जरूरी
डिजिटल उपकरण आज की आवश्यकता हैं, लेकिन उनका अत्यधिक उपयोग आंखों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण रखा जाए और आंखों की नियमित देखभाल की जाए तो ड्राई आई सिंड्रोम समेत कई नेत्र संबंधी समस्याओं से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों से डिजिटल संतुलन अपनाने और आंखों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील कर रहे हैं।


