60 लाख फॉलोअर्स वाले ‘सोशल मीडिया स्टार’ हेड कांस्टेबल ने दिया इस्तीफा, निलंबन के बाद विवेकानंद तिवारी का बड़ा फैसला

विभागीय कार्रवाई से आहत होकर छोड़ी पुलिस सेवा, बोले- अब सोशल मीडिया के जरिए करूंगा जनजागरूकता
शहडोल ( शिखर दर्शन ) //
वर्दी छोड़ ‘डिजिटल ट्रैफिक गुरु’ बनने की राह पर विवेकानंद तिवारी
सोशल मीडिया पर करीब 60 लाख फॉलोअर्स के साथ ट्रैफिक जागरूकता अभियानों के लिए चर्चित शहडोल के ट्रैफिक हेड कांस्टेबल विवेकानंद तिवारी ने निलंबन कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग को इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब वे विभागीय सेवा में वापस नहीं लौटना चाहते और आगे भी सोशल मीडिया के माध्यम से सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करते रहेंगे।
विवेकानंद तिवारी लंबे समय से अपने रचनात्मक वीडियो और हेलमेट जागरूकता अभियानों के कारण सोशल मीडिया पर लोकप्रिय रहे हैं। हाल ही में विभागीय कार्रवाई के बाद उन्होंने सेवा छोड़ने का निर्णय लिया, जिससे यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है।
क्यों हुए निलंबित ?
पुलिस विभाग की जांच में पाया गया कि विवेकानंद तिवारी लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहे। इस दौरान वे सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो और रील्स अपलोड करते रहे। विभाग ने इसे सेवा नियमों एवं पुलिस रेग्यूलेशन-64 का उल्लंघन मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की।
फेसबुक पोस्ट में रखी अपनी बात
निलंबन के बाद विवेकानंद तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर अपनी सफाई दी। उन्होंने मेडिकल दस्तावेज, डॉक्टर की पर्चियां और उपचार संबंधी जानकारी सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि वे कई महीनों से मानसिक तनाव, अनिद्रा और सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों के कारण मानसिक रूप से परेशान थे।
उनका कहना है कि चिकित्सकीय सलाह के अनुसार वे उपचाररत थे और आराम कर रहे थे।
ड्यूटी और मेडिकल सूचना को लेकर दावा
विवेकानंद तिवारी के अनुसार—
- 19 मई 2026 को उन्होंने मोबाइल के माध्यम से यातायात थाना को अपनी खराब तबीयत की सूचना दी थी।
- मेडिकल पर्ची संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप में भी साझा की गई थी।
- समूह में वरिष्ठ अधिकारी भी जुड़े हुए थे।
- इसके बावजूद उसी दिन उनकी ड्यूटी जय स्तंभ चौक पर लगा दी गई।
- बाद में उन्हें अनुपस्थित दर्ज कर कार्रवाई की गई।
अब क्या करेंगे विवेकानंद तिवारी ?
इस्तीफे के बाद विवेकानंद तिवारी ने कहा कि—
- वे सोशल मीडिया पर पहले की तरह सक्रिय रहेंगे।
- सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाते रहेंगे।
- हेलमेट वितरण अभियान को और बड़े स्तर पर आगे बढ़ाएंगे।
- समाज सेवा और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देंगे।
एसपी ने क्या कहा ?
इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव का कहना है कि—
- उनके पास अभी तक कोई औपचारिक इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है।
- यदि इस्तीफा प्राप्त होता है तो नियमानुसार उस पर विचार किया जाएगा।
- विभागीय प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख बिंदु
- 60 लाख फॉलोअर्स वाले ट्रैफिक हेड कांस्टेबल विवेकानंद तिवारी ने इस्तीफा सौंपा।
- ड्यूटी से अनुपस्थिति और सेवा नियम उल्लंघन के आरोप में हुए थे निलंबित।
- मानसिक तनाव और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए दी सफाई।
- फेसबुक पोस्ट में मेडिकल दस्तावेज भी किए सार्वजनिक।
- आगे सोशल मीडिया के माध्यम से यातायात जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान।
- हेलमेट वितरण अभियान को और व्यापक बनाने की बात कही।
- एसपी ने कहा— अभी तक औपचारिक इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है।



