शिक्षकों को डेटा एंट्री ऑपरेटर बना दिया शिक्षा विभाग ने: संजय शर्मा

निजी मोबाइल में 27 ऐप का बोझ, पढ़ाई से ज्यादा ऑनलाइन रिपोर्टिंग में खप रहा समय
बिलासपुर / रायपुर ( शिखर दर्शन ) //
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन (CGTA) के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने शिक्षकों पर बढ़ते डिजिटल और गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर शिक्षा विभाग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का मूल कार्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में उन्हें डेटा एंट्री ऑपरेटर बनाकर रख दिया गया है। विभाग लगातार नए-नए ऐप और पोर्टल थोप रहा है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
संजय शर्मा ने कहा कि विभाग जब चाहे नया ऐप इंस्टॉल करने का आदेश जारी कर देता है। समय-सीमा तय की जाती है और कई बार वेतन रोकने जैसी चेतावनियां देकर शिक्षकों पर दबाव बनाया जाता है। निजी मोबाइल, निजी इंटरनेट और निजी समय का उपयोग कर शिक्षकों को विभिन्न विभागों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग करनी पड़ रही है।
शिक्षकों के मोबाइल में वर्तमान में संचालित प्रमुख ऐप और पोर्टल
- ई-जादुई पिटारा – डिजिटल एवं गतिविधि आधारित शिक्षण सामग्री का उपयोग।
- Voter Helpline App – मतदाता संबंधी जानकारी एवं चुनावी कार्य।
- BLO App – मतदाता सूची सत्यापन एवं अद्यतन।
- Ayushman App – आयुष्मान कार्ड एवं लाभार्थी सत्यापन।
- DIKSHA App – ऑनलाइन प्रशिक्षण एवं डिजिटल पाठ्य सामग्री।
- CG MDM App – मध्याह्न भोजन की दैनिक जानकारी।
- CG VSK App – विद्यालय संबंधी ऑनलाइन रिपोर्टिंग।
- iGOT Karmayogi – शासकीय प्रशिक्षण कार्यक्रम।
- ULLAS App – वयस्क साक्षरता अभियान।
- TBC Book Scan App – QR कोड आधारित शैक्षणिक सामग्री।
- समग्र शिक्षा पोर्टल – छात्र, विद्यालय एवं योजनाओं का डेटा प्रबंधन।
- SHVR App – सर्वेक्षण एवं सत्यापन कार्य।
- Nicler App – ऑनलाइन प्रशिक्षण एवं अध्ययन सामग्री।
- GP App – स्थानीय प्रशासनिक कार्यों में सहयोग।
- पढ़ई तुंहर द्वार – ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था।
- Telepractice App – विद्यार्थियों के अभ्यास एवं मूल्यांकन कार्य।
- शाला कोष – विद्यालय का वित्तीय प्रबंधन।
- उल्लास साक्षरता पोर्टल – नवसाक्षरता कार्यक्रम संचालन।
- सुगम संदेश (RTI) – सूचना का अधिकार एवं पत्राचार संबंधी कार्य।
- ChalkLit App – शिक्षक प्रशिक्षण एवं शिक्षण संसाधन।
- ZIIEI App – नवाचार आधारित शिक्षण गतिविधियां।
- NISHTHA Portal – राष्ट्रीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम।
- Sampark Foundation App – भाषा एवं गणित शिक्षण सहयोग।
- Read Along App – विद्यार्थियों की पठन क्षमता विकसित करना।
- Vinoba App – शैक्षणिक गतिविधियों एवं मूल्यांकन संबंधी कार्य।
- CG School.in – शिक्षा विभाग का मास्टर पोर्टल।
- HLO App – जनगणना एवं सर्वेक्षण संबंधी कार्य।
एक ही जानकारी कई बार भरने की मजबूरी
संजय शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को छात्रों का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, जाति, मोबाइल नंबर, यूनिट टेस्ट, तिमाही, छमाही, प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षा के अंक जैसी जानकारी पहले CG School.in और UDISE में दर्ज करनी पड़ती है। इसके बाद वही जानकारी सेजेस पोर्टल, माध्यमिक शिक्षक मंडल और अन्य विभागीय पोर्टलों में दोबारा भरनी पड़ती है। यदि विभागों के बीच समन्वय हो तो एक बार दर्ज डेटा सभी प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा सकता है।
शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा असर
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा विभाग एक ओर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को चुनाव, स्वास्थ्य, साक्षरता, सर्वेक्षण, प्रशिक्षण और विभिन्न योजनाओं की ऑनलाइन रिपोर्टिंग में उलझाकर रखता है। इससे शिक्षकों का अधिकांश समय डेटा एंट्री में चला जाता है और विद्यार्थियों को अपेक्षित शैक्षणिक समय नहीं मिल पाता।
टीचर्स एसोसिएशन की मांग
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि—
- शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य तत्काल वापस लिए जाएं।
- विभिन्न ऐप और पोर्टलों का एकीकरण किया जाए।
- एक ही जानकारी बार-बार भरने की व्यवस्था समाप्त की जाए।
- शिक्षकों को केवल शिक्षण कार्य पर केंद्रित होने का अवसर दिया जाए।
- निजी मोबाइल और इंटरनेट के उपयोग के स्थान पर विभागीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
संजय शर्मा ने कहा कि यदि शिक्षकों पर अनावश्यक डिजिटल और गैर-शैक्षणिक बोझ कम किया जाए तो प्रदेश के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य अधिक प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।



