नया शैक्षणिक सत्र शुरू: छत्तीसगढ़ के स्कूलों में लौटी रौनक, तिलक लगाकर हुआ विद्यार्थियों का स्वागत

शाला प्रवेश उत्सव के साथ शुरू हुई पढ़ाई, मुख्यमंत्री साय ने बच्चों को दी शुभकामनाएं
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद सोमवार से छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई। नए सत्र के पहले दिन प्रदेशभर के स्कूलों में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। विद्यालय पहुंचे छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर और पुस्तकें भेंट कर स्वागत किया गया। इसके साथ ही 16 जून से 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव का शुभारंभ भी हो गया।
स्कूलों में फिर गूंजी बच्चों की चहल-पहल
करीब डेढ़ माह की गर्मी की छुट्टियों के बाद विद्यालयों में एक बार फिर बच्चों की चहल-पहल लौट आई। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में शिक्षकों ने विद्यार्थियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। पहली बार स्कूल पहुंचे नौनिहालों के लिए यह दिन विशेष रूप से यादगार रहा।
30 जून को होगा मुख्य कार्यक्रम
शाला प्रवेश उत्सव के अंतर्गत 30 जून को संभाग स्तर पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्कूल शिक्षा मंत्री सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश, पाठ्यपुस्तकें और साइकिलों का वितरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर प्रदेश के सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को आकार देने और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का माध्यम है।
मन लगाकर पढ़ाई करने का संदेश
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्साह के साथ नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा और परिश्रम ही भविष्य की सफलता का आधार बनते हैं।
लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की प्रेरणा
मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने, ज्ञान और संस्कारों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के बच्चे अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर भविष्य में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगे।



