बिलासपुर संभाग

नाबालिग दुष्कर्म मामले में बड़ी कार्रवाई: थाना प्रभारी और विवेचना अधिकारी लाइन अटैच

जांच में गंभीर लापरवाही पर एसएसपी सख्त, सात दिन में रिपोर्ट तलब; सिरगिट्टी और पचपेड़ी को मिले नए थाना प्रभारी

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म के संवेदनशील मामले की जांच में गंभीर प्रक्रियागत लापरवाही सामने आने पर एसएसपी रजनेश सिंह ने कड़ी कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक अभय सिंह बैस और विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक संतोषी अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर रक्षित केंद्र भेज दिया है। साथ ही पूरे मामले की प्रारंभिक जांच नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) को सौंपते हुए सात दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आई गंभीर चूक

प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि थाना प्रभारी द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण नहीं किया गया। महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संकलन और संरक्षण में भी अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती गई। इसके अलावा बीएनएसएस की धारा 176(3) के तहत अनिवार्य सीन ऑफ क्राइम यूनिट को मौके पर नहीं बुलाया गया। विभाग ने इसे गंभीर प्रक्रियागत लापरवाही माना है।

विवेचना अधिकारी पर भी गिरी गाज

मामले की विवेचना कर रही उप निरीक्षक संतोषी अग्रवाल की भूमिका पर भी सवाल उठे, जिसके बाद उन्हें भी लाइन अटैच कर दिया गया। इससे पहले इसी प्रकरण में एएसआई शीतला प्रसाद त्रिपाठी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है।

पीड़ित पक्ष की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

पीड़ित बच्चियों की मां ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर आरोप लगाया था कि सूचना देने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी और विवेचना में अनावश्यक विलंब किया गया। शिकायत मिलने के बाद एसएसपी ने मामले की जांच के निर्देश दिए। जांच में लापरवाही की पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

सिरगिट्टी और पचपेड़ी को मिले नए थाना प्रभारी

प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक वायपी सिंह को सिरगिट्टी थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं रक्षित केंद्र में पदस्थ निरीक्षक कमला पुसाम को पचपेड़ी थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उप निरीक्षक राज सिंह का भी पचपेड़ी से सिरगिट्टी स्थानांतरण किया गया है।

महिला एवं बाल अपराधों पर जीरो टॉलरेंस का संदेश

एसएसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया है कि महिला एवं बाल अपराधों की जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही, साक्ष्य संकलन में कमी या जांच में उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भविष्य में भी सख्त विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी।

शिकायत से कार्रवाई तक बदली तस्वीर

पीड़ित पक्ष की शिकायत के बाद शुरू हुई विभागीय समीक्षा में पहले एएसआई स्तर पर कार्रवाई की गई। बाद में जांच में और तथ्य सामने आने पर थाना प्रभारी और विवेचना अधिकारी को भी लाइन अटैच कर दिया गया। साथ ही सिरगिट्टी और पचपेड़ी थानों में नए थाना प्रभारियों की नियुक्ति कर प्रशासनिक व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से पुनर्गठित किया गया। एसएसपी की इस त्वरित कार्रवाई को संवेदनशील मामलों में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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