मध्यप्रदेश

राहत भी, चिंता भी ! 47 जिलों में कमजोर मानसून के संकेत, प्री-मानसून बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड

14 जिलों में सामान्य से 672% तक अधिक वर्षा, कई इलाकों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्यप्रदेश में मानसून को लेकर मिले-जुले संकेत सामने आ रहे हैं। एक ओर मौसम विभाग ने प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई है, वहीं दूसरी ओर प्री-मानसून गतिविधियों ने कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड वर्षा दर्ज कराकर मौसम का मिजाज बदल दिया है। भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को हालिया बारिश ने राहत जरूर दी है, लेकिन कमजोर मानसून की आशंका किसानों और जल संसाधनों के लिए चिंता का विषय बन सकती है।

47 जिलों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। प्रदेश के 47 जिलों में औसत से कम वर्षा होने की संभावना जताई गई है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो कृषि उत्पादन, जल संरक्षण और भूजल स्तर पर इसका असर पड़ सकता है।

प्री-मानसून बारिश ने दी बड़ी राहत

मानसून की औपचारिक दस्तक से पहले ही प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं। कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक के साथ मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से 100 प्रतिशत से लेकर 672 प्रतिशत तक अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

राजधानी भोपाल में भी प्री-मानसून बारिश ने पिछले रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। यहां सामान्य से लगभग तीन गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

अगले 24 घंटे अहम, कई जिलों में अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक की संभावना जताई है। विशेष रूप से मुरैना, भिंड, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है।

विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जबकि तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।

फिलहाल लू से राहत

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 12 जून को प्रदेश में कहीं भी लू चलने की संभावना नहीं है। लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान नियंत्रण में बना हुआ है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है।

किसानों के लिए बढ़ी चिंता

हालांकि वर्तमान मौसम राहत भरा नजर आ रहा है, लेकिन कमजोर मानसून की आशंका कृषि क्षेत्र के लिए चिंता पैदा कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून सामान्य से कम सक्रिय रहा तो खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेती संबंधी निर्णय लेने की आवश्यकता होगी।

मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले मैदानों में जाने से बचने और आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

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