आधी आबादी का सवाल, सियासत में तकरार

MP में महिला प्रतिनिधित्व पर घमासान, बीजेपी-कांग्रेस के आंकड़ों से समझिए तस्वीर
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // महिला आरक्षण को लेकर देशभर में सियासत तेज हो गई है और इसका असर मध्य प्रदेश की राजनीति में भी साफ देखने को मिल रहा है। संसद में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच राजनीतिक दलों के महिला प्रतिनिधित्व के आंकड़े अब चर्चा के केंद्र में हैं। बीजेपी जहां इसे महिला सशक्तिकरण का मुद्दा बता रही है, वहीं कांग्रेस पर महिला विरोधी रुख अपनाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश में विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा के आंकड़े महिला भागीदारी की हकीकत को सामने रखते हैं—
लोकसभा 2024 की स्थिति
- प्रदेश की सभी 29 सीटों पर बीजेपी का कब्जा
- बीजेपी ने 29 में से 6 महिलाओं को टिकट दिया, सभी 6 ने जीत दर्ज की
- कांग्रेस ने सिर्फ 1 महिला प्रत्याशी (रीवा) को टिकट दिया, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा
राज्यसभा में स्थिति
- कुल 11 सीटों में 8 पर बीजेपी, 3 पर कांग्रेस
- बीजेपी के 8 सांसदों में 3 महिलाएं शामिल
- कांग्रेस के 3 सांसदों में एक भी महिला नहीं
विधानसभा 2023 का आंकड़ा
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व सीमित नजर आता है। कुल 230 सीटों में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने सीमित संख्या में ही महिला उम्मीदवार उतारे।
- बीजेपी ने 27 महिलाओं को टिकट दिया (करीब 11%)
- इनमें से 21 महिलाएं जीतकर विधायक बनीं
- कांग्रेस ने 29 महिलाओं को टिकट दिया (करीब 13%)
- इनमें से केवल 5 महिलाएं ही जीत पाईं
- कुल मिलाकर 56 महिला उम्मीदवारों में से 27 विधायक चुनी गईं
पंचायती राज में महिलाओं की मजबूत भागीदारी
राज्य की स्थानीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी कहीं अधिक मजबूत दिखाई देती है—
- कुल 2.90 लाख से अधिक निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि
- यह आंकड़ा कुल प्रतिनिधियों का 52.84%
- 26 जिला पंचायतों में महिला अध्यक्ष
- 444 जिला पंचायत सदस्य महिलाएं
- 179 जनपद अध्यक्ष और 3425 जनपद सदस्य महिलाएं
इन आंकड़ों से साफ है कि जहां स्थानीय स्तर पर महिलाओं की भागीदारी मजबूत है, वहीं विधानसभा और संसद जैसे बड़े मंचों पर उनकी हिस्सेदारी अब भी सीमित बनी हुई है। ऐसे में महिला आरक्षण को लेकर उठ रही मांग और सियासी बहस आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है।



