दिल्ली

भारत-स्विट्जरलैंड आर्थिक रिश्तों को नई धार, निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन से की अहम मुलाकात

निवेश से लेकर तकनीक और रिसर्च तक सहयोग बढ़ाने पर जोर, द्विपक्षीय निवेश संधि पर बातचीत आगे बढ़ाने की तैयारी

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) //  भारत और स्विट्जरलैंड ने निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया है। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और गति देने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

निवेश संधि को आगे बढ़ाने पर हुई चर्चा

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में भारत और स्विट्जरलैंड के साझा हितों से जुड़े कई मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। खास तौर पर द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) को लेकर चल रही बातचीत को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

दोनों पक्षों का मानना है कि निवेश संधि से दोनों देशों के बीच निवेश का प्रवाह बढ़ाने और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही व्यापार और निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के पहलुओं पर भी चर्चा हुई।

विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी बढ़ेगा सहयोग

इससे पहले केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में लंबे समय से जारी सहयोग को और व्यवस्थित तथा दीर्घकालिक बनाने पर सहमति जताई।

बैठक में उभरती प्रौद्योगिकियों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों के संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

शिक्षा और अनुसंधान को रणनीतिक साझेदारी का आधार

दोनों देशों ने शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को अपनी रणनीतिक साझेदारी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से अंतरविषयक और मिशन आधारित दृष्टिकोण अपना रहा है।

उन्होंने बताया कि देश में कई राष्ट्रीय कार्यक्रम अलग-अलग मंत्रालयों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर संचालित किए जा रहे हैं।

AI समेत कई उभरती तकनीकों पर भारत की प्रगति

डॉ. जितेंद्र सिंह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भारत के दृष्टिकोण की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत AI को किसी एक विषय तक सीमित तकनीक के रूप में नहीं देखता, बल्कि इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी के कई क्षेत्रों में बदलाव लाने वाली तकनीक के तौर पर देख रहा है।

उन्होंने जैव प्रौद्योगिकी, वैक्सीन विकास, जीनोम सीक्वेंसिंग, क्वांटम प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष अनुसंधान और गहरे समुद्री अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति का भी उल्लेख किया।

भारत और स्विट्जरलैंड के बीच हुई इन बैठकों से निवेश के साथ-साथ विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत मिले हैं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Don`t copy text!